
चाईबासा : जब बालू घाटों की बंदोबस्ती ही नहीं हुई तो और न ही सरकार के स्तर से बालू घाटों से बालू के उठाव का आदेश दिया गया है, तो फिर किसके आदेश से बालू का काला कारोबार चल रहा है, यह सवाल लोगों की जुबान पर है. सभी बालू घाटों की बंदोबस्ती की समय सीमा समाप्त हो गई है और बालू घाटों से बालू के उठाव पर रोक लगा दी गयी है. बावजूद बालू के अवैध धंधे में लिप्त बालू माफियाओं-सफेदपोशों द्वारा धड़ल्ले से भारी पैमाने पर नदी और बालू घाटों से सैकड़ों ट्रैक्टरों पर बालू को लादकर अवैध कारोबार किया जा रहा है. वैसे तो पूरे पश्चिमी सिंहभूम जिले में बालू का अवैध कारोबार और धंधा धड़ल्ले से चल रहा है. मगर कोल्हान प्रमंडल मुख्यालय चाईबासा से सटे सदर प्रखंड की कुर्सी पंचायत, कुजू नदी, तांतनगर के संगम नदी बालू घाट सहित सभी नदी के बालू घाटों से अवैध रूप से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टरों में अवैध बालू का कारोबार और धंधा बालू माफियाओं के द्वारा किया जा रहा है.







