
जमशेदपुर : झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद हाईकोर्ट से लेकर सभी जिला कोर्ट में कोरोना वायरस को लेकर सावधानी बरती गयी है. सिर्फ विशेष और अरजेंट केस को लेकर ही सुनवाई होगी या जमानत को लेकर किसी तरह की बहस हो सकती है. इसको लेकर सभी कोर्ट में पाबंदी लगायी गयी है. इसको देखते हुए जमशेदपुर कोर्ट में भी पाबंदी लगायी गयी है.

कोर्ट में किसी को घुसने नहीं दिया जा रहा है. सिर्फ केस का नंबर दिखाने के बाद अगर सुनवाई की तिथि है तो ही अंदर जाने दिया जा रहा है. सिर्फ एक व्यक्ति को एक केस से संबंधित मामले के लिए जाने दिया जा रहा है जबकि जिसका केस है, उसके लिए ही वकीलों को इंट्री दी जा रही है. जमशेदपुर कोर्ट में बार एसोसिएशन के भवन को भी बंद कर दिया गया है.

गुरुवार को उस वक्त वकीलों ने हंगामा किया जब बार एसोसिएशन को बंद करा दिया गया और वकीलों के चेंबर खुले हुए थे. इसके बाद जूनियर वकीलों ने हंगामा किया, जिसके बाद चेंबर को भी बंद कर दिया गया. इसके बाद वकीलों ने फिर से हंगामा किया और गरमी के मौसम में वकीलों के बैठने तक की व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जतायी गयी. वैसे कोर्ट का साफ तौर पर मानना है कि वकीलों को वहां बैठना नहीं है. जरूरी काम या सुनवाई होने तक रहे और उसके बाद कोर्ट को छोड़ दें.
बेवजह की भीड़ रोकने के लिए भी इस तरह की कोशिश कोर्ट की ओर से की गयी है. हालांकि, पुलिस बलों को वहां तैनात कर दिया गया है ताकि अवांछित लोग अंदर प्रवेश नहीं कर सके. इस बीच हंगामा होता रहा और वकीलों को शांत कराने का प्रयास होता रहा. इस बीच धूप के कारण अधिवक्ता मोहम्मद निजाम भी बेहोश होकर गिर गये, जिसको पानी डालकर शांत कराया गया.

अधिवक्ताओं ने इसके बाद और गुस्सा दिखाया और कहा कि इस तरह का अमानवीय रवैया ठीक नहीं है. लेकिन कोर्ट में न तो बार भवन को खोला गया और ना ही चेंबर को खोला गया. कोर्ट के भीतर सुनवाई हुई और ज्यादा भीड़ नहीं हो, इसके लिए गेट पर ही पाबंदी लगा दी गयी. किसी को अंदर जाने नहीं दिया जा रहा है. वैसे कोर्ट में जो घुस रहा है, उनको मास्क दे दिया जा रहा है और उनको सैनिटाइजर भी दिया जा रहा है. सभी कोर्ट में सैनिटाइजर का प्रयोग किया जा रहा है ताकि कोरोना वायरस को रोका जा सके.

जमशेदपुर के अलावा हर जिले के कोर्ट में पाबंदी लगायी गयी है. झारखंड हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट में भी बेवजह की इंट्री को रोक दिया है. इस रोक के कारण किसी तरह की वैसे केस जिसकी सुनवाई बाद में भी हो सकती है, उसको लेकर सुनवाई नहीं हो रही है. जरूरी केस की लिस्टिंग करने के बाद उसको फाइनल किया जा रहा है और अगले दिन सुनवाई हो रही है. इसके लिए वकीलों को जानकारी दे दी जा रही है कि किस केस की अगले दिन सुनवाई होगी ताकि बेवजह लोगों की भीड़ नहीं लगे.

जमशेदपुर कोर्ट में वैसे कामकाज सामान्य तरीके से संचालित हो रहे है. लेकिन जरूरी केस का ही निबटारा हो रहा है. अभी मामला को शांत कर दिाय गया है.







