
संतोष वर्मा
चाईबासा : टाटा स्टील रूरल डेवलपमेंट सोसाइटी यानी टीएसआरडीएस कोविड-19 के लिए सुरक्षा मास्क बनाने में ‘शाही एक्सपोर्ट प्रोजेक्ट’ और स्थानीय स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की मदद कर रहा है। टीएसआरडीएस के नेतृत्व में 3 अप्रैल को नोआमुंडी में यह पहल शुरू की गई थी। इस प्रोजेक्ट को वर्तमान कोविड-19 संकट के दौरान मास्क की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए शुरू किया गया था। इन महिलाओं को दैनिक आय का स्रोत प्रदान कर यह पहल उन्हें अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने में मददगार साबित हो रही है।
मास्क निर्माण कार्य में 20 से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इनमें टीएसआरडीएस के शाही एक्सपोर्ट प्रोजेक्ट की 10 और स्थानीय स्व-सहायता समूहों की 10 महिलाएं शामिल हैं। सभी महिलाएं तीन स्तरों वाले मास्क के निर्माण कार्य में संलग्न हैं। ये मास्क चाईबासा के सिविल सर्जन से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार बने हैं और पूरी तरह से पुनः प्रयोज्य और धोने योग्य हैं। टीएसआरडीएस इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहा है और मास्क निर्माण के लिए सभी आवश्यक कच्चा माल इन महिला कार्यबल को उपलब्ध करा रहा है।
महिलाओं द्वारा प्रतिदिन औसतन 400 से 500 मास्क का निर्माण किया जाता है। इस पहल से उन्हें इस संकटकाल के दौरान भी दैनिक आय उत्पन्न करने में मदद मिली है। स्व-सहायता समूह की महिलाएं घर पर ये मास्क बना रही हैं। ये मास्क रोजाना एकत्र किए जाते हैं। वितरित करने से पहले इन्हें सैनिटाइज कर सुखाया जाता है। मास्क मुख्य रूप से मानसी प्रोजेक्ट के फ्रंट-लाइन हेल्थ वर्कर्स के बीच वितरित किए जा रहे हैं, जिन्हें साहिया के रूप में जाना जाता है। इसके अलावा, इन्हें नोआमुंडी में एस्पायर प्रोजेक्ट के फ्रंट-लाइन वर्कर्स के बीच भी वितरित किया जा रहा है।
इस पहल पर काम करने वाली शाही एक्सपोर्ट प्रोजेक्ट की महिलाओं में से एक बेबी पात्रो कहती हैं, “इस पहल से हमें इस संकट के समय में समाज में योगदान देने का अवसर मिला है। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही सभी महिलाएं काफी उत्साहित व प्रेरित हैं और उन्हें इस बात से संतुष्टि है कि कोरोनोवायरस महामारी से लड़ने के लिए वे समाज के लिए कुछ मूल्यवान कर रही हैं। 20 महिलाएं पहले से ही इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं और अब अन्य स्थानीय महिलाएं भी इस बारे में जानकारी प्राप्त कर रही हैं और उत्सुकता दिखा रही हैं, क्योंकि वे भी इस नूतन पहल के अनुसरण में हमसे जुड़ना चाहती हैं।” अब तक, ये मास्क तीन ब्लॉकों- नोआमुंडी, जगन्नाथपुर और मनोहरपुर में वितरित किए गए हैं। अगले कुछ दिनों में कुल 10,000 मास्क निर्मित करने का लक्ष्य है।






