
रांची : कोरोना संकट के बीच राजनीति भी जमकर शुरू हो गयी है. पूरे देश में लॉकडाउन का असर देखने को मिल रहा है, ऐसे में सरकार लोगों से अपील कर रही है कि घरों में रहें, लेकिन जब सांसद ही इसका पालन न करें तो क्या कहा जायेगा. धनबाद के सांसद पीएन सिंह और रांची के सांसद संजय सेठ के सड़क मार्ग से दिल्ली से झारखण्ड आने का मामला तूल पकड़ने लगा है. आपको बता दें कि बीते दिनों सांसद पीएन सिंह दिल्ली से धनबाद और सांसद संजय सेठ दिल्ली से रांची सड़क मार्ग से आए हुए थे. हालांकि पीएन सिंह के धनबाद आने के बाद विपक्षी पार्टी के नेताओं में उन्हें क्वारंटाइन होने की सलाह भी दी थी जिसके बाद बीडीओ के आग्रह पर उन्हें होम क्वारंटाइन किया गया है. इस मामले को लेकर बुधवार को जेएमएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस कांफ्रेंस के जरिये कहा कि अगर सांसद ही नियमों का उल्लंघन करते हैं तो ऐसे में जनता से क्या उम्मीद की जा सकती है. जब पूरे देश में मजदूर वर्ग के लोग फंसे हुए हैं और सरकार उनके लिए भी सारी व्यस्था कर रही है, लेकिन उन्हें कहीं भेज नहीं रही है. साथ ही उन्होंने कहा कि झारखण्ड आना दूर की बात है सबसे पहले सवाल उठता है कि दिल्ली से उत्तर प्रदेश में प्रवेश कैसे मिला. उत्तर प्रदेश के अलावा जहां-जहां भी जांच हो रही थी वहां इन्हें प्रवेश कैसे मिला. भट्टाचार्य ने दोनों सांसदों पर चुपके से झारखण्ड में घुसने का आरोप लगाया और उन्हें होम क्वारंटाइन के बदले सरकारी क्वारंटाइन में भेजने की मांग की.सुप्रियो भटाचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इन दोनों सांसदों पर लॉकडाउन तोड़ने के आरोप में उचित कार्रवाई करने की भी मांग की. ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या सांसदों के लिए नियम अलग से बनाये जाते हैं या अपनी मर्जी के अनुसार वे लॉकडाउन में कहीं भी आ-जा सकते हैं.







