
संतोष वर्मा
चाईबासा : देश में एक ओर कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है. रोजाना कोरोना मरीजों की पुष्टि हो रही है. झारखण्ड में भी कोरोना मरीज लगातार बढ़ रहे हैं. लेकिन संक्रमण के बढ़ते इस खतरे से रेलवे सबक नहीं ले रही है. रेलवे के फ्रंटलाइन वर्कर्स संक्रमण के बीच काम करने को मजबूर हैं. ऐसा ही कुछ वाकया चक्रधरपुर रेल मंडल के मुख्यालय में देखने को मिल रहा है.
चक्रधरपुर में ट्रैकमैनों को संक्रमण के खतरों के बीच झोंक कर उनसे काम लिया जा रहा है. कार्य करने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखा जा रहा है. रेल पटरियों पर भारी भरकम कार्य करते ट्रैकमैनों को एक दूसरे के साथ सटकर काम करना पड़ रहा है. कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिए कोई भी संसाधन या किट भी इन कर्मचारियों को उपलब्ध नहीं कराया गया है. इनके पास न तो पर्याप्त मास्क है, न ग्लब्स और न ही सैनिटाइजर. बिलकुल असुरक्षित माहौल में रेलवे के ट्रैकमैन रेल पटरियों को दुरुस्त करने का काम कर रहे हैं.
कार्य के दौरान कोई अधिकारी भी इनका हाल जानने या फिर इनकी स्थिति-परिस्थिति जांचने नहीं आते. अधिकारी अपने घर पर वर्क फ्रॉम होम का हवाला देकर वातानुकूलित कमरे में बैठकर इन कर्मचारियों को दिशा-निर्देश देते रहते हैं. जबकि कोरोना योद्धा के रूप में ये कर्मचारी भीषण गर्मी और बारिश में काम कर अपना दायित्व निभा रहे हैं.
रेलवे ट्रैकमैनों ने बताया की उनका काम ही ऐसा है कि वे चाह कर भी एक मीटर की दूरी बनाकर भारी-भरकम कार्य को पूरा नहीं कर सकते. कर्मचारियों की एक दूसरे के साथ सटकर काम करना मजबूरी है. उन्होंने ऐसे कार्य की परेशानी को लेकर कई बार अपने उच्च अधिकारी को भी चेताया, लेकिन कोई भी अधिकारी उनकी समस्या सुनना तक नहीं चाहते. इनके द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए किट यानी मास्क, सैनिटाइजर, ग्लब्स आदि की भी मांग की जाती है, लेकिन किट की आपूर्ति नहीं की जा रही है.
कोरोना संक्रमण के इस संकट काल में रेलवे के फ्रंटलाइन वर्कर्स जान जोखिम में डालकर बाहर काम कर रहे हैं. उनके इस योगदान के कारण देश के एक से दूसरे राज्य में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति संभव हो पा रहा है. ऐसे कर्मचारियों की सेहत और सुरक्षा को लेकर रेलवे के अधिकारियों को गंभीर होना होगा. अन्यथा एक कर्मचारी अगर संक्रमित होता है तो रेल कर्मियों के बड़े समूह को संक्रमित होने का खतरा बन जायेगा. जिले के डीसी अरवा राजकमल ने पहले ही चेताया है कि किसी भी संस्था का कर्मी अगर संक्रमित होता है है तो उस विभाग के अधिकारी पर अपराधिक मामला दर्ज होगा और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.







