जमशेदपुर : राज्य सरकार द्वारा चिन्हित विभिन्न राज्यों यथा दिल्ली,पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान, तमिलनाडु के 24 जिलों से आने वाले लोगों का सैंपल कलेक्शन करने के साथ संस्थागत क्वारंटाइन किया जाना अनिवार्य होगा. शनिवार को जमशेदपुर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त रविशंकर शुक्ला की उपस्थिति में कोविड-19 के प्रति जागरूकता कार्यक्रम हेतु प्रतिनियुक्त मास्टर ट्रेनर को प्रशिक्षण दिया गया. वर्तमान में कई प्रदेश के फंसे हुए श्रमिक छात्र के साथ अन्य व्यक्ति प्रतिदिन पूर्वी सिंहभूम जिले में बाहर से आ रहे हैं, संबंधित व्यक्तियों के आगमन के क्रम में उनका जांच एवं क्वॉरेंटाइन प्रक्रिया पूरा कराया जा रहा है.

बाहर से आ रहे व्यक्तियों का लोयला स्कूल में सैंपल कलेक्शन का कार्य किया जा रहा है. संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए संबंधित व्यक्तियों के जांच के क्रम में क्वारंटाइन के नियमों एवं कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु जागरूक किया जाना आवश्यक है. इस क्रम में लोयोला स्कूल में अन्य राज्यों एवं अन्य जिलों से आने वाले लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम का नियमित रूप से संचालन किया जाएगा. जागरूकता कार्यक्रम के संचालन हेतु 5 सदस्य टीम बनाई गई है जिसमें शिक्षक, चिकित्सा पदाधिकारी को प्रतिनियुक्त किया गया है. जागरूकता कार्यक्रम के नियमित रूप से संचालन हेतु 5 टीम बनाई गई है जो लोगों को कोरोना के संक्रमण से बचाव एवं होम क्वॉरेंटाइन में पालन किए जाने वाले नियमों के बारे में बताएंगे. ट्रेनर को प्रेजेंटेशन एवं वीडियो के माध्यम से कोरोना वायरस से स्वयं को बचाने के साथ ही अन्य लोगों की सुरक्षा एवं इसके संक्रमण को फैलने से कैसे रोका जा सकता है इस संबंध में विस्तार से बताया गया. प्रशिक्षण के दौरान उपायुक्त ने मास्टर ट्रेनर को बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा चिन्हित विभिन्न राज्यों के 24 जिलों से आने वाले लोगों का प्रवेशद्वार अलग होगा, उन्हें अन्य राज्यों अथवा जिले से आने वाले लोगों से अलग बैठाया जाएगा, इसका निश्चित रूप से अनुपालन सुनिश्चित कराना मास्टर ट्रेनर एवं उपस्थित पदाधिकारियों की जिम्मेवारी होगी.

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा चिन्हित राज्यों के 24 जिलों से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के सैंपल कलेक्शन करने के साथ ही उनको संस्थागत क्वॉरेंटाइन किया जाना अनिवार्य है. वही अन्य राज्यों अथवा जिलों से आने वाले लोगों का जांच किया जाना है, जांच के क्रम में संदिग्ध कोरोना संक्रमित व्यक्ति का सैंपल कलेक्शन करते हुए संस्थागत क्वॉरेंटाइन कराया जाएगा जबकि अन्य लोग को सशर्त होम क्वॉरेंटाइन के लिए भेजा जाएगा। होम क्वॉरेंटाइन करने वाले लोगों से शपथ पत्र भरवाया जाएगा जिससे होम क्वॉरेंटाइन के नियमों के उल्लंघन किए जाने पर उनके खिलाफ डीएम एक्ट के सुसंगत धारा के तहत कार्रवाई की जा सके. उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करने के दौरान उन्हें इस बात की जानकारी अवश्य दें की जिला प्रशासन द्वारा सेटेलाइट के माध्यम से उनके हर मूवमेंट पर नजर रखा जाएगा और उनके होम क्वॉरेंटाइन के नियमों के उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उपायुक्त ने कहा की होम क्वारंटाइन किए जाने वालों को आईजीआईएस ऐप निश्चित रूप से डाउनलोड कराना सुनिश्चित करें ताकि उनकी निगरानी सुगमता से की जा सके.







