
संतोष वर्मा
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में अब तक प्राप्त सूचना के अनुसार 10 व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमण हेतु किए जा रहे जांच के दौरान पॉजिटिव पाए गए हैं. इन सभी संक्रमित व्यक्तियों का इलाज जिले के कोविड-19 समर्पित दक्षिण पूर्व रेलवे अस्पताल, चक्रधरपुर में चिकित्सक टीम के द्वारा किया जा रहा है. इलाज के दौरान संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने से बचने हेतु सेवा में लगे कर्मियों के द्वारा वायरस संक्रमण से बचाव हेतु रेलवे अस्पताल में तकनीक का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है. ज्ञात हो कि जिले के उप विकास आयुक्त आदित्य रंजन के द्वारा कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग में संक्रमण से बचाव हेतु ‘को-बोट’, हाईटेक आइसोलेशन बेड, सैनिटाइजर कक्ष तथा कोविड-19 सैंपल कलेक्शन मोबाइल बूथ आदि का निर्माण किया गया है.

जिले में संक्रमित व्यक्ति की सूचना प्राप्त होने के उपरांत कोविड-19 अस्पताल में पीड़ित व्यक्ति को आवश्यक चिकित्सा मदद उपलब्ध करवाने के लिए दिन-रात सेवा में लगे चिकित्सा कर्मियों के द्वारा ‘को-बोट’ की मदद से व्यक्तियों तक भोजन, पानी, दवाई आदि आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवायी जा रही है तथा मशीन के पूरी तरह से रिमोट से संचालित होने के कारण कर्मियों को व्यक्तियों के नजदीक जाने की आवश्यकता नहीं हो रही है. कोविड-19 समर्पित रेलवे अस्पताल चक्रधरपुर में इलाजरत संक्रमित व्यक्तियों का एक-दूसरे व्यक्ति से संपर्क न हो, इससे बचाव हेतु हाईटेक आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की गई है. हाईटेक बेड को चारों तरफ से ढका गया है लेकिन बेड को हवादार बनाने हेतु ऊपरी सतह को जालीदार बनाया गया है जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी का सामना ना करना पड़े तथा इस बेड की उपलब्धता के कारण पूरे कक्ष को साफ करने एवं सैनिटाइज करने में भी सफाई कर्मियों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है. अस्पताल परिसर में सेवा में लगे चिकित्साकर्मी एवं सफाईकर्मियों को संक्रमण से बचाव हेतु मुख्य प्रवेश द्वार पर “टच फ्री हैंड वाश यूनिट” तथा अस्पताल के कोविड वार्ड में प्रवेश करने से पूर्व तथा निकलने के पश्चात् खुद को सैनिटाइज करने हेतु सैनिटाइजर कक्ष पूर्व में ही स्थापित किया गया है.






