
जमशेदपुर : पूर्व विधायक और भाजपा के युवा नेता कुणाल षाड़ंगी ने शुक्रवार को झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से राँची में मुलाक़ात कर मांग पत्र समर्पित किया. उन्होंने राज्यपाल से युवाओं के हितों में युवा आयोग और प्रवासी मज़दूरों की स्किल मैपिंग और रोज़गार मुहैया कराने के निमित्त प्रवासी मज़दूर आयोग गठन के अलावे कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यानाकृष्ट करते हुए हस्तक्षेप का आग्रह किया. कुणाल षाड़ंगी ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि बहरागोड़ा कॉलेज समेत कोल्हान के सभी कॉलेजों में जल्द से जल्द पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की विषयवार नियुक्ति संबंधी आदेश कोल्हान विश्वविद्यालय को दिये जायें ताकि लगभग 60 से 70 फ़ीसदी रिक्तियों की पूर्ति की जा सके. झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा पंचायत सचिवों को नियुक्ति पत्र नहीं दिये जाने के विषय पर भी हस्तक्षेप कर राज्य सरकार को स्पष्ट आदेश जारी करने का आग्रह किया. पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने राज्यपाल से अनुरोध किया कि वे सरकार से अनुबंधकर्मियों की प्रोत्साहन राशि संबंधी विषय पर पहल करवाएं. पंचायत स्वयंसेवक तथा किसान मित्रों की प्रोत्साहन राशि उन्हें समय पर नहीं मिलने के मुद्दे को भी उठाया. कहा कि अगर लाभुक तय समय पर योजना पूरा नहीं करता है तो इसके लिए स्वयंसेवकों को ससमय राशि भुगतान करने से वंचित नहीं करना चाहिए अपितु सरकार को चाहिए कि उनको एक न्यूनतम मानदेय सुनिश्चित करे. केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा की मज़दूरी दर दोगुनी कर दी गई है. राज्य सरकार अविलंब इसे धरातल पर लागू करवाए। कुणाल ने राज्यपाल महोदया से मांग की है कि राज्य में प्रखंड स्तर पर महिला थानों और बाल मित्र थानों का अधिष्ठापन किया जाये. उन्होंने सरकार के स्तर पर वर्षों पूर्व बनी खेल नीति को लागू करने को लेकर मांग रखा जिससे राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुके 500 से ज़्यादा राज्य के खिलाड़ियों को सीधी नौकरी दी जा सके. पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने बताया कि उपर्युक्त सभी विषय सीधे तौर पर युवाओं से जुड़े मसलें है. इन पर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से काफ़ी चर्चाएं हुई. कहा कि राज्य में युवा आयोग के अभाव में युवा विषयक मसले अक्सर अनसुलझे रह जाते हैं. पूर्व विधायक ने कहा कि लगभग आधे घन्टे के शिष्टाचार भेंट में कई महत्वपूर्ण नीति और नियुक्ति सम्बंधित विषयों को राज्यपाल के संज्ञान में लाकर समाधान करने का आग्रह किया. बताया कि राज्यपाल के स्तर से उचित हस्तक्षेप और सरकार को मार्गदर्शन देने का आश्वासन प्राप्त हुआ.







