
जमशेदपुर : झारखंड के कद्दावर नेता और भारतीय जनमोरचा के संस्थापक विधायक सरयू राय ने अपने पार्टी के नेताओं के बीच काम करने को लेकर विभागीय बंटवारा कर दिया है. जमशेदपुर पूर्वी के विधायक के तौर पर जीतने के बाद सरयू राय ने सारे कामकाज को देखने के लिए यह नियुक्त की है. सलाहकार प्रतिनिधि के रुप में सबका मनोनयन किया गया है. इन सारे लोगों को कहा गया है कि जमशेदपुर पूर्वी के विभिन्न कार्यों को वे लोग देखेंगे ताकि लोगों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जा सके. जमशेदपुर पूर्वी के विधायी एवं जनहितकारी कार्यों में सुगमता के लिये सलाहकार प्रतिनिधि के रूप में नामित किये गये लोगों में सुबोध श्रीवास्वत-औद्योगिक संबंध कार्य, संजीव मुखर्जी-स्वास्थ्य एवं कल्याण कार्य, हरे राम सिंह-जनसुविधा कार्य, असीम पाठक-गोलमुरी मंडल प्रतिनिधि, जोगिन्द्र सिंह जोगी-साकची मंडल प्रतिनिधि, कमल किशोर गुप्ता-बर्मामाइंस मंडल प्रतिनिधि, अभय सिंह-टेल्को मंडल प्रतिनिधि शामिल है.

टिनप्लेट बस्ती के मुद्दे पर विधायक सरयू राय के निर्देश पर रेलवे के डीआरएम से भारतीय जनमोरचा के नेताओं ने की मुलाकात
जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय के निर्देश पर भाजमो का एक शिष्टमंडल जमशेदपुर महानगर संयोजक रामनारायण शर्मा के नेतृत्व में शुक्रवार को दक्षिण पूर्व रेलवे, चक्रधरपुर के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) से मिला. शिष्टमंडल ने रेलवे द्वारा जमशेदपुर स्थित टिनप्लेट तथा एग्रिको तक रेलवे लाइन के किनारे बसी बस्तियों का सर्वे कराने के संबंध में डीआरएम से कई सवाल किये. उन्होंने उनसे पूछा कि अखिर किसके कहने पर रेलवे द्वारा ऐसा किया जा रहा है, जबकि रेलवे के किनारे ये बस्तियां 35-40 वर्षों से बसी हुई हैं. इन बस्तियों में सरकार या टाटा स्टील द्वारा बिजली-पानी, सड़क, नाली, सामुदायिक भवन आदि जनसुविधाएं उपलब्ध करायी जा रहीं हैं. लोगों ने अपने जीवनभर की कमाई से घर बनाया है.उन्हें एक झटके में उजाड़ा नहीं जा सकता है, बल्कि 30 वर्षों से अधिक समय से लोगों का इन बस्तियों में स्थायी रूप से कब्जा होने के कारण उक्त जमीन पर उनको कानूनी अधिकार मिल जाना चाहिए. शिष्टमंडल ने बताया कि विधायक सरयू राय इस मामले को लेकर काफी गंभीर हैं, वे किसी भी हाल में इन बस्तियों को उजड़ने नहीं देंगे. विधायक सरयू राय व भाजमो इस मामले में बस्तियों के लोगों के साथ खड़े हैं. यदि एक भी घर टूटा तो भाजमो उग्र आंदोलन को मजबूर होगा. शिष्टमंडल में भाजमो के कोल्हान प्रभारी संजीव आचार्य, जमशेदपुर पूर्वी के संयोजक अजय सिन्हा, भाजमो नेता पुनीत श्रीवास्तव मौजूद थे.
शिष्टमंडल ने डीआरम से कई सूचनायें लिखित में आवश्यक दस्तावेजों की प्रति के साथ मांगी है जो निम्नलिखत हैं:
- यह जमीन रेलवे की है या टाटा लीज की?
- यदि यह जमीन रेलवे की है तो यह रेलवे को किसके द्वारा हस्तांतरित किया गया और कब किया गया?
- इस रेल लाइन का निर्माण का उद्देश्य क्या था, विगत 30 वर्षों से अधिक समय से इसका उपयोग क्यों नहीं किया गया?
- इस रेल लाइन को लेकर रेलवे एवं टाटा स्टील के बीच क्या समझौता हुआ है?
- वर्तमान में इसका विस्तारीकरण की बात कही जा रही है जो एग्रिको से सीआरएम बारा तक किया जाना है, इस संदर्भ में टाटा स्टील के साथ क्या समझौता हुआ है?
शिष्टमंडल की बातों पर डीआरएम का रूख काफी सकारात्मक था उन्होंने आश्वासन दिया कि शिष्टमंडल द्वारा मांगी गयी सूचनाएं लिखित में जल्द उपलब्ध करायी जाएगी.

पेट्रोल-डीजल की कीमतों के खिलाफ सड़क पर उतरे सरयू
लगभग 15 दिनों से निरंतर बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दाम को लेकर भाजमो उलीडीह मंडल के संयोजक धर्मेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में मानगो खुदीराम बोस चौक पर विरोध प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन में जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय नें गाड़ी को रस्सी के सहारे खींचकर बढ़ते तेल की कीमत के खिलाफ विरोध प्रकट किया. भाजमो कार्यकर्ताओं नें हाथों में तख्ती लेकर सरकार को तेल की कीमतों पर लगाम लगाने की मांग की. मौके पर मुख्य रूप से भाजमो पश्चिम विधानसभा के संयोजक मुकुल मिश्रा, कुलविंदर सिंह पन्नु, प्रवीण सिंह, संतोष भगत, आकाश शाह, राजेश कुमार, जीतू पांडेय, रीना सिंह, राजनाथ सिंह एवं अन्य उपस्थित थे.







