
रांची : सांसद, विधायक समेत कोई भी बड़े राजनेता हों या बड़े अधिकारी या कोई और अब अपनी गाड़ी पर नेम प्लेट लगा कर नहीं घूम सकेगा. झारखंड हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त आदेश दिया है. हाई कोर्ट के इस फैसले से अपनी गाड़ियों पर नेम प्लेट लगा कर स्टेटस दिखाने वाले लोगों को बड़ा झटका लगा है. सुनवाई के दौरान राज्य के परिवहन सचिव ने अदालत को आश्वस्त किया है कि अब राज्य में कोई भी अधिकारी या अन्य उच्च पदस्थ पदाधिकारी एवं राजनेता अपने वाहन पर नेम बोर्ड लगाकर न चले. इस दिशा में परिवहन विभाग कार्य करेगा. बता दें कि प्रार्थी गजाला तनवीर ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर नेम बोर्ड और पदनाम का डिस्प्ले गाड़ियों पर लगाए जाने के विरोध में हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था. इसपर सुनवाई के दौरान झारखंड के परिवहन विभाग के सचिव अदालत में उपस्थित हुए थे. उन्होनें कोर्ट को बताया कि गाड़ियों से बोर्ड हटवाने की प्रक्रिया आज से ही शुरू कर दी जाएगी. इस मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार 6 सप्ताह के अंदर उठाये जा रहे कदम से कोर्ट को अवगत कराए. मामले में प्रार्थी की ओर से अदालत में पक्ष रख रहे अधिवक्ता फैसल आलम ने बताया की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने परिवहन सचिव को इस विषय पर एक नोटिफिकेशन जारी करने का भी निर्देश दिया है. इसके साथ ही यह आदेश सभी सरकारी अधिकारियों पर भी लागू होगा. इतना ही नहीं झारखंड में अब सासंद और विधायक भी अपनी गाड़ियों पर बोर्ड लगाकर नहीं घूम पाएंगे.






