
सरायकेला : सरकार और सरकारी तंत्र गरीबों के नाम पर लाख सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा करती है, लेकिन ये तस्वीरें ध्वस्त पड़े सरकारी सिस्टम की कहानी खुद ब खुद बयां कर रही है. ये नजारा जो आप देख रहे हैं, ये सरायकेला-खरसावां जिला के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 21 का है. जहां आदित्यपुर बस्ती के समीप दुर्गा मंदिर के पास जन वितरण प्रणाली का एक दुकान है. (नीचे भी पढ़ें)

बाहर से भले आपको दुकान पर ताला लटका मिलेगा, लेकिन इसकी आड़ में जो गोरखधंधे का खेल हो रहा है, उसे समझने के लिए आपको इन तस्वीरों को गौर से देखना होगा. इस जन वितरण प्रणाली के मालिक हैं श्याम अग्रवाल और साइकिल पर जो अनाज की बोरियां लेकर भाग रहा है उसका नाम है गया साहू. आपको बता दें, कि गया साहू पूर्व में भी सरकारी अनाजों की कालाबाजारी के आरोप में जेल जा चुका है, लेकिन जिसे सरकारी अनाज खाने का चस्का लग गया है, वह भला कैसे माने. हमारी टीम की पड़ताल में सब कुछ आईने की तरह साफ दिख रहा है. जब हमने डीलर श्याम अग्रवाल से गया सिंह के बारे में पूछा तो उन्होंने सीधे तौर पर गया साहू को पहचानने से इंकार कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)

यही बात कैमरे पर बोलने को कहा तो अपनी गाड़ी लेकर चलते बना. उधर जब तक हमारी टीम गया सिंह के पास पहुंची, वह बाजार की संकीर्ण गलियों में गायब हो गया. इसका मतलब साफ है, कि सरकारी तंत्र और पीडीएस डीलरों की मिलीभगत से सरकारी अनाज का गोरखधंधा आज भी धड़ल्ले से चल रहा है. बिचौलिए अपनी दुकानदारी खुलेआम चला रहे हैं. विभागीय अधिकारियों को इसकी भनक नहीं है, ऐसा कहना बेमानी होगा. सब कुछ आपके सामने है. आप ही तय करें कि गरीबों के नाम पर आने वाले सरकारी अनाजों पर किस तरह बिचौलियों और दलालों की गिद्ध दृष्टि पड़ रही है.






