
सरायकेला : जनसंख्या समाधान फाउंडेशन सरायकेला-खरसावां जिला पुरुष विंग और महिला विंग की जिला इकाई की सप्ताहिक मिलन बैठक कुदरसाईं मंदिर प्रांगण में रविवार को जिला अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी की अध्यक्षता में हुई. इसमें राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिले के उपायुक्त को सौंपे जाने पर सहमति बनी. बैठक में भारी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पंचायत उपाध्यक्ष सह जनसंख्या समाधान फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि जनसंख्या समाधान फाउन्डेशन द्वारा जनसंख्या विस्फोट से उत्पन्न संसाधन, सामाजिक, आर्थिक एंव पर्यावरण द्वारा राष्ट्र को संभावित गृह युद्ध से बचाने के लिए कानून में भ्रम की स्थिति न रहे और जाति, धर्म व भाषायी बंधनों से ऊपर उठकर, देशहित, को सर्वोपरि मानते हुए यह कानून सभी नागरिकों पर समान रुप से लागू हो. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने कहा कि इस कानून के सभी दंडात्मक प्रावधान कानून अधिसूचित होने की तिथि के एक वर्ष के पश्चात तीसरे बच्चे की उत्पति कराने वाले माता-पिता पर लागू हो. तीसरी संतान उत्पन्न करने वाले दंपती को मिलने वाले सभी सरकारी अनुदान व सब्सिडी आदि तत्प्रभाव से समाप्त हो. तीसरे बच्चे की उत्पत्ति करने वाले माता-पिता तत्प्रभाव से राजकीय सेवा से वंचित किये जायें. ऐसे माता-पिता केन्द्र व राज्य शासन में तथा इनके अधीन संचालित किसी भी राजकीय विभाग मे राजकीय सेवक के रूप मे अपने पद पर नहीं बने रह सकें और न ही नियुक्ति किये जा सकें. कानून तोडकर तीसरी संतान उत्पन्न करने वाले माता-पिता व संतान को जीवन पर्यन्त मताधिकार से वंचित किया जाये. कानून का एक बार उल्लंघन करने के बाद दोबारा उल्लंघन की स्थिति अर्थात चौथी संतान की उत्पति की स्थिति मे पिछले प्रावधानों के साथ -साथ दंपती को 10 वर्ष की जेल की सजा का प्रावधान किया जाये, ताकि चौथी संतान के बारे मे कोई नागरिक सोचे भी नहीं. मंच से संबोधन जिला अध्यक्ष महिला विंग की सूर्या देवी, जिला संरक्षक चामी मुर्मू, जिला उपाध्यक्ष पिंकी मोदक, जिला मंत्री रुपा पती ने भी किया.






