
राजन सिंह
घाटशिला : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला के घाटशिला अनुमंडल के घाटशिला में प्रतिदिन 5000 ऑक्सीजन सिलेंडर देने की क्षमता रखने वाला भगवती ऑक्सीजन प्लांट विगत दो वर्ष से बंद पड़ा है. ऐसा नहीं है कि यह प्लांट चालू नहीं है. आदेश आने के बाद यह प्लांट आधे घंटे के अंदर चालू हो जायेगा, लेकिन आदेश के अभाव में यह प्लांट विगत दो वर्ष से बंद है. आज भी इस ऑक्सीजन प्लांट में कर्मचारी प्रतिदिन काम करने आते हैं. यह प्लांट 93 प्रतिशत है पीएसए प्लांट की अंतरराष्ट्रीय ऑक्सीजन शुद्धता की मानक क्षमता रखने वाला यह ऑक्सीजन प्लांट अगर चालू हो जाये तो झारखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश को इससे फायदा मिलेगा. (नीचे भी पढ़ें)

कोरोना के बढ़ते संक्रमण के साथ देशभर में ऑक्सीजन की भारी कमी होने पर जहां अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण रोजना सैकड़ो लोगों की जिन्दगी दाव पर लगी हुई है वही कई लोगों की मौत भी हो रही है. ऐसे में केन्द्र सरकार ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिये नये ऑक्सीजन प्लांट लगाने के साथ कई जरूरी कदम उठा तो रही है लेकिन देशभर में ऑक्सीजन की कमी के सामने बौना साबित हो रही है. हाल में ही देश के प्रधानमंत्री ने देशभर में 160 से ज्यादा पीएसए मैडिकल ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिये करीबन 200 करोड़ रूपये जारी किये है. नयी प्लांट बनने में भी समय लगेगा.ऐसे में घाटशिला के भगवती ऑक्सीजन प्लांट जो 93 प्रतिशत है और पीएसए प्लांट की शुद्धता की सारी मानक क्षमता रखता है, अगर यह चालू हो जायें तो यह राज्य और देश के लिये संजीवनी साबित हो सकता है. (नीचे भी पढ़ें)

कब चालू हुआ था भगवती ऑक्सीजन प्लांट
भगवती ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना 1992 में इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन सप्लाई के लिये हिन्दुस्तान कॉपर कॉम्लेक्स (आईसीसी) के लिये की गयी थी. आईसीसी के प्लांट इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन की सप्लाई भगवती ऑक्सीजन प्लांट डायरेक्ट करती है. इस प्लांट की मशीन जर्मन से मंगायी गयी है जो हाई टैकनोलॉजी मशीन है जो बाई एयर से ऑक्सीजन बनाने का काम करती है. प्लांट की शुद्धता 93 प्रतिशत है. आईसीसी में प्रोडक्शन बंद होने के बाद यह प्लांट बर्ष 2019 के दिसंबर से प्लांट में उत्पादन बंद है, लेकिन उत्पादन बंद होने के बाद भी हर 10 दिन में इस प्लांट को चालू कर आज भी जिंदा रखा गया है. आ भी इस प्लांट में कर्मी काम करते है और प्लांट पूरी तरह से तैयार भी है.
भगवती ऑक्सजीन प्लांट की क्या है कसौटी
93 प्रतिशत शुद्धता और पीएसए प्लांट की अंतरराष्ट्रीय ऑक्सीजन शुद्धता की मानक क्षमता रखने वाली यह भगवती ऑक्सीजन प्लांट कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण से लड़ने के लिये तैयार है. मेडिकल ऑक्सीजन की अधिकतम शुद्धता 99.5 प्रतिशत होती है. हालाकी पीएसए ऑक्सीजन प्लांट की शुद्धता का अंतरराष्ट्रीय मानक क्षमता 93 प्रतिशत की है. भगवती ऑक्सीजन प्लांट की भी शुद्धता का स्तर 93 प्रतिशत है. जिसका उपयोग मेडिकल ऑक्सीजन के रूप में किया जा सकता है. एक घंटा में 200 सिलेंडर , एक दिन में 5000 और एक महीने में डेढ़ लाख ऑक्सीजन भरने की झमता रखती है भगवती ऑक्सीजन प्लांट.
क्या कहते है भगवती प्लांट के निदेशक और प्लांट के अधिकारी
घाटशिला के भगवती प्लांट के निदेशक हिमांशु शर्मा से जब फोन पर बात की गयी तो उन्होंने कहा कि मेडिकल ऑक्सीजन सप्लाई के लिये प्लांट पूरी तरह से तैयार है. इस पर निर्णय राज्य सरकार और एचसीएल कंपनी को लेना है. एचसीएल प्रबंधन को पहले ही इस बात से अवगत करा दिया गया है कि प्लांट मेडिकल ऑक्सीजन सप्लाई के लिये तैयार है. बस हाई प्रेसर कम्प्रेसर की जरूरत है , जिससे सिलेंडर भरा जा सके. प्लांट में कार्यरत अशोक पाठक बताते है कि आज भी प्लांट पूरी तरह से तैयार है – आदेश आने के आधे गंटे के अंदर ही यह प्लांट ऑक्सीजन देने के लिये तैयार है. हर दस दिन में प्लांट को चालू कर पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है. सरकार चाहे तो प्लांट का उपयोग मेडिकल ऑक्सीजन के लिये भी हो सकती है.




