
जमशेदपुरः राष्ट्रीय सवर्ण महासंघ फाउंडेशन द्वारा मंडल विरोधी काला दिवस के रूप में मनाया और राजीव गोस्वामी, रामा गुप्ता, सुरेन्द्र चौहान, मोनिका चड्ढा, मोहन सिंह जैसे ३८६ सवर्ण शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धा पुष्प अर्पित किया गया. मंडल कमीशन रूपी राक्षस के सवर्णों के प्रति राजनीतिक घृणा के खिलाफत में हुए आंदोलन में अपनी सर्वोत्कृष्ट उत्सर्ग प्राण की आहुति दिया था. देश में हिंदुत्व के विखण्डन और सवर्णों के प्रति राजनीतिक बैमनस्य एवं घृणा फैलाने के सरकार के कुत्सित प्रयासों को रोकने के लिए दिया गया है. ये शहादत स्वतंत्र भारत में देश के अंदर ही वोट के लिए देश को जातिगत घृणा के आधार पर बांटने के प्रयास को असफल करने के लिए दिया गया बलिदान था । इस आशय की जानकारी सवर्ण महासंघ फाउंडेशन के राष्ट्रीय महामंत्री डी डी त्रिपाठी ने दी। त्रिपाठी ने कहा कि जिस तरह देश के अंदर समता मूलक समाज को विखण्डित किया जा रहा है और जिसे रोकने के लिए इन वीरों ने अपने प्राणों की आहुति दी है एक बार पुनः देश की आज़ादी के 74 वर्ष बाद वर्तमान सरकार भी उसी राह पर चल पड़ी हैं।पहले रॉलेट एक्ट को भी शर्मसार करने वाली जातीय घृणा को पोषित करने वाली अमानवीय 18 /ए बिल को संसद से पास कर कानून बनाया अब 27 प्रतिशत मेडिकल परीक्षा में ओबीसी आरक्षण की घोषणा कर इस बात को साबित करने का प्रयास किया हैं कि राष्ट्र से ज्यादा महत्वपूर्ण सत्ता हैं। जिसके लिए देश भर में सवर्णों के प्रति राजनीतिक घृणा भी उन्हें स्वीकार्य हैं। (नीचे भी पढ़ें)
त्रिपाठी ने राष्ट्रीय संचालन समिति की वेबिनार मीटिंग के बाद कहा कि सवर्ण समाज राष्ट्र की रीढ़ हैं । किन्तु सत्ता शक्ति तथा देश के संसाधनों पर अधिकार के लिए जैसे मोहम्मद गजनवी, बाबर और अंग्रेजों ने भारत देश के प्रति प्रेम प्रदर्शित किया. वर्तमान सत्ता भी उसी का अनुसरण कर रही हैं. इनका रष्ट्रवाद से कोई लेना देना नहीं है । जिसप्रकार मुसलमान भारत आये, कुछ यही रह गए और कुछ पाकिस्तान देश बना लिया फिर भी देश प्रेमी हैं । वैसे ही वर्तमान व्यवस्था भी सत्ता के लिए सुगम मार्ग को तलाश रहा हैं । जातिवादी और धर्म की चाशनी पिलाई जा रही हैं. त्रिपाठी ने कहा कि पूरे देश भर में इसके खिलाफ उलगुलान होगा एवं नवम्बर दिसम्बर में यूपी में होने वाले राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में इस बात पर निर्णय लिया जाएगा तब तक पूरे देश में जनजागरण अभियान चलया जा रहा हैं। त्रिपाठी ने कहा कि हिंदुत्व को जातिगत घृणा की आड़ में वोट के लिए विखण्डण और राष्ट्रवाद कि आत्मा की हत्या के किसी भी प्रयास को सवर्ण महासंघ फाउंडेशन सफल नहीं होने देगा।इस संबंध में राष्ट्रीय कार्य समिति ने राष्ट्रीय अध्यक्ष गजेन्द्र मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में देश के अंदर सभी पार्टी प्रमुखों को पत्र भेजकर पर्टीगत सांगठनिक भागेदारी सवर्ण मोर्चा गठित करने की मांग किया गया हैं.






