
जमशेदपुर : टाटा स्टील प्रबंधन की ओर से पिछले दिनों साकची स्थित कोल्हान विश्वविद्यालय शाखा कार्यालय की चहारदीवारी तोड़े जाने को लेकर छात्रों में आक्रोश है, वहीं जमशेदपुर सांसद विद्युत वरण महतो ने भी इसे गंभीरता से लिया है. श्री महतो ने इस संबंध में जिले के उपायुक्त को एक पत्र लिखा है. पत्र के माध्यम से बताया गया है कि शाखा कार्यालय की चहारदीवारी तोड़े जाने से छात्रों में भारी आक्रोश है. उन्होंने उपायुक्त से कहा है कि जब तक शाखा कार्यालय के लिए टाटा स्टील की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती है, तब तक इसे बाधित न करवाया जाये. साथ ही सुरक्षा के दृष्टिकोण से चहारदीवारी का पुन: निर्माण करवाया जाये. पत्र की प्रतिलिपि कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलसचिव तथा टाटा स्टील के वीपी सीएस को भी प्रेषित की गयी है. (नीचे भी पढ़ें)

बता दें कि शाखा कार्यालय ग्रेजुएट कॉलेज परिसर में है, जो कभी प्रिंसिपल क्वार्टर हुआ करता था. कंपनी विस्तारी करण योजना के तहत टाटा स्टील प्रबंधन के द्वारा ग्रेजुएट कॉलेज को यहां से शिफ्ट कर दिया गया है, लेकिन नवनिर्मित भवन में प्रिंसिपल क्वार्टर या संबंधित किसी अन्य भवन का प्रावधान नहीं किया गया है. इस कारण शाखा कार्यालय अभी पुराने भवन में ही चल रहा है. इस बीच पिछले दिनों कंपनी प्रबंधन की ओर से चहारदीवारी तोड़ने के कार्रवाई कर दी गयी. छात्रों के विरोध के बाद चहारदीवारी तोड़ने का काम रोक दिया गया. साथ ही कंपनी की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था करने की बात कही गयी. यहां यह भी जान लेना प्रासंगिक है कि वर्ष 2004 में रांची विश्वविद्यालय के समय कंपनी प्रबंधन की ओर से छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए बिष्टुपुर के साउथ पार्क एम रोड में शाखा कार्यालय के लिए एक क्वार्टर उपलब्ध कराया था. उसमें कार्यालय चला भी. लेकिन करीब 6 साल बाद कोल्हान विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद ग्रेजुएट कॉलेज में खाली पड़े प्रिंसिपल क्वार्टर को शाखा कार्यालय बना दिया गया. साथ ही कंपनी को बिष्टुपुर एम रोड स्थित क्वार्टर लौटा दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
शाखा कार्यालय के समन्वयक डॉ आरके चौधरी की मानें, तो तब कंपनी के द्वारा ग्रेजुएट कॉलेज के नये भवन में प्रिंसिपल क्वार्टर या इस तरह के किसी अन्य भवन का प्रावधान नहीं किया गया है, इस कारण शाखा कार्यालय स्थानांतरित नहीं हो सका है. टाटा स्टील प्रबंधन की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है. अत: जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जाये अन्यथा मौजूदा कार्यालय की चहारदीवारी का पुन: निर्माण कर दुरुस्त किया जाये.




