
जमशेदपुरः राज्य सरकार ने नवरात्रि एवं दुर्गोत्सव को लेकर जारी किए गए गाइडलाइन से उहापोह की स्थिति पूजा समितियों में बनी हुई है. इसको दूर करने को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिले के उपायुक्त ने प्रेस कांफ्रेंस कर सरकारी दिशा- निर्देशों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा कोविड- 19 के नियमों पालन करते हुए मनाना है. पूजा पंडाल किसी भी थीम पर आधारित नही होगी, ताकि अनावश्यक भीड़ न लगे. (नीचे भी पढ़े)
पंडाल के पास मेला या खाने- पीने के सामानों की बिक्री नहीं होगी. मूर्ति की ऊंचाई पांच फीट होगी, किसी प्रकार के सार्वजनिक नृत्य, गरबा डांडिया वगैरह नहीं होगा. उन्होंने बताया कि ढाकी की अनुमति दी गई है. साथ ही मंत्रोच्चार के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल प्रदूषण नियमों के तहत करना है. इसके अलावा किसी तरह के भजन या संगीत के लिए लाउडस्पीकर का उपयोग नही होगा. भोग वितरण के मसले पर चल रहे विवाद पर उन्होंने कहा कि भोग बनाने पर कोई प्रतिबंध नहीं है, बल्कि सार्वजनिक रूप से भोग वितरण पर रोक रहेगा. (नीचे भी पढ़े)
भोग वितरण होम डिलीवरी के माध्यम से पूजा कमिटी के वोलेंटियर कर सकते हैं. साथ ही साथ उन्होंने कहा कि विसर्जन जुलूस भी नही निकलेगा, जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थान पर ही मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा. पूजा पंडाल में किसी भी समय कोई व्यक्ति बिना मास्क के नहीं रहेगा. उपायुक्त ने साफ शब्दों में कहा कि अगर नियमों का उल्लंघन कोई भी करता है तो उनपर कानूनी कार्ऱवाई की जाएगी. (नीचे भी पढ़े)
राज्य सरकार का दिशा-निर्देश
- मेला आयोजन प्रतिबंधित रहेगा.
- मूर्ति की अधिकतम ऊंचाई 5 फीट होगी.
- कोई तोरण या स्वागत द्वार नहीं बनेगा.
- पंडाल किसी थीम पर आधारित नहीं होगा.
- पंडाल तीन तरफ़ से घेरा जाएगा.
- भोग वितरण नहीं किया जाएगा.
- पूजा समिति द्वारा आमंत्रण पत्र नहीं वितरित किया जाएगा.
- आवश्यक रोशनी को छोड़ कर आकर्षक रोशनी प्रतिबंधित होगी.
- सांस्कृतिक कार्यक्रम जैसे गरबा, डांडिया इत्यादि प्रतिबंधित रहेंगे.
- 18 वर्ष से कम के व्यक्ति का प्रवेश अपेक्षित नहीं है.
- खाने पीने की कोई दुकान या ठेला आसपास नहीं लगेगा.
- विसर्जन जुलूस नहीं निकलेगा.
- जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थान पर विसर्जन किया जाएगा.
- पंडाल में किसी भी समय कोई व्यक्ति बिना मास्क के नहीं होगा.
- ढाक की अनुमति होगी.





