
रांची : झारखंड के स्वास्थ्य विभाग के लिए बुधवार का दिन काफी महत्वपूर्ण रहा. कई नयी सौगात झारखंड के लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित दिया गया. एक तरह से कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी झारखंड सरकार ने की है. इसके तहत मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा बुधवार को सदर अस्पताल रांची में नवअधिष्ठापित 100 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाले पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ किया गया. उसके बाद राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान, रांची (रिम्स) में मुख्यमंत्री ने वहां स्थापित कोबास 6800 मशीन का भी उद्घाटन हुआ. इस अवसर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता, अपर मुख्य सचिव-सह-प्रधान सचिव स्वास्थ्य विभाग अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद, सिविल सर्जन रांची डॉ विनोद कुमार, रिम्स निदेशक डॉ कामेश्वर प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे. वैसे मुख्यमंत्री ने पीएम केयस फंड से बने किसी भी सिस्टम के उदघाटन में शरीक हुए बगैर ही लौट गये. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो)

थर्ड वेब को लेकर हम सजग हैं, तैयारियां पूरी : स्वास्थ्य मंत्री, मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी 50 करोड़ की योजना का किया लोकार्पण
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि सरकार राज्यवासियों के स्वास्थ्य को लेकर काफी गंभीर है और विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को लेकर कई योजनाओं को प्रारंभ किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी में राज्य सरकार ने सीमित संसाधनों के बावजूद अन्य राज्यों के बनिस्पत बेहतर कार्य किया है साथ ही थर्ड वेब को लेकर हम पूरी तरह से सजग हैं. वह बुधवार को रिम्स के न्यू ट्रॉमा सेंटर के प्रथम तल पर नवनिर्मित सेंट्रल लैबोरेटरी सहित राज्यस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी 50 करोड़ की योजनाओं के लोकार्पण समारोह में बोल रहे थे. राज्यवासियों को मिलने वाली नवनिर्मित स्वास्थ्य सेवाओं का उद्घाटन राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऑनलाइन किया. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो)

स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने का प्रयास-अरूण कुमार सिंह
उद्घाटन कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अरूण कुमार सिंह ने विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि कोविड के बचाव, रोकथाम तथा इलाज हेतु राज्य के 19 जिलों के 27 स्थलों पर पीएम केयर फंड के तहत जहां 27 पीएसए प्लांट का उद्घाटन किया गया है. वहीं जनसमुदाय को रक्त संबंधित सभी तरह की सुविधायें उपलब्ध कराने के लिये रिम्स में सेंट्रल लैबोरेटरी का निर्माण किया गया है. उन्होंने बताया कि कोबास 6800 लैब की स्थापना होने से कोविड-19 के आरटीपीसीआर सैंपल की जांच हर दिन 1200 से ज्यादा हो सकेगी. साथ ही न्यू ट्रॉमा सेंटर के प्रथम तल पर 256 स्लाईस सीटी स्कैन के अधिष्ठापन से हाइ क्वालिटी ब्रेन कोरोनरी, एनजीओग्राफी के अलावा लंग्स एनलाईसिस का स्कैन की सुविधा भी मरीजों को मिल सकेगी. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिये आधारभूत संरचना का विकास किया जा रहा है. इसके लिये विभाग तैयारी कर रहा है. राज्य में 5000 अतिरिक्त बेड तैयार करने का लक्ष्य है. राज्य में करीब 21 हजार ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड तैयार किये जा चुके हैं. जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल की आधारभूत संरचना के विकास का खाका तैयार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य में डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ की कमी है, इसके लिये राज्य सरकार ने नियमों में शिथिलता बरती है. इस अवसर पर विधायक प्रदीप यादव, रिम्स निदेशक डॉ कामेश्वर प्रसाद, एनआरएचएम के भुवनेश प्रताप सिंह, आरयू के वाईस चांसलर कामिनी कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे. (नीचे देखे पूरी खबर और वीडियो)
एमजीएम अस्पताल में भी नयी सेवाओं का उदघाटन
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने एमजीएम अस्पताल एवं अनुमंडल अस्पताल घाटशिला में पीएम केयर फंड से नव निर्मित पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का रांची से ऑनलाइन उद्घाटन किया. इस मौके पर एमजीएम अस्पताल परिसर से जमशेदपुर के उपायुक्त सूरज कुमार, एमजीएम अधीक्षक डॉ अरुण कुमार, निदेशक डीआरडीए सौरभ सिन्हा, नजारथ उप समाहर्ता दिनेश रंजन, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार तथा अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे. जिला उपायुक्त ने बताया कि एमजीएम अस्पताल के पीएसए प्लांट की क्षमता 600 लीटर प्रति मिनट तथा अनुमंडल अस्पताल घाटशिला के पीएसए प्लांट की क्षमता 250 लीटर प्रति मिनट की है. उन्होने कहा कि कोरोना संक्रमण के संभावित तीसरे लहर को देखते हुए मेडिकल ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने का प्रयास है. जिले में मेडिकल ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता हो गई है तथा अन्य चिकित्सीय संसाधनों को भी विभिन्न वर्गों के सहयोग से दुरुस्त किया जा रहा है.







