
जमशेदपुर : भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत “स्वच्छ सर्वेक्षण 2022” का आगाज हो चुका है. इसी क्रम जमशेदपुर अक्षेस, मानगो नगर निगम और जुगसलाई नगर परिषद ने तैयारी शुरू कर दी है. इस क्रम में जुगसलाई नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी जेपी यादव के आदेशानुसार नगर परिषद क्षेत्रांतर्गत स्थित सभी होटल, स्कूल, हॉस्पिटल, मोहल्ला, सरकारी कार्यालयों तथा बाजार समिति का मूल्यांकन कर स्वच्छता रैंकिंग जारी की जाएगी तथा प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान प्राप्त करने वालों को सम्मानित किया जायेगा. जुगसलाई नगर परिषद द्वारा अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने हेतु हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सभी संस्थानों की स्वच्छता रेंकिंग की जाएगी. स्वछता रैंकिंग का मूल्यांकन स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के गाइडलाइन के तहत किया जाएगा, जिसमें मुख्य रूप से कचड़े का चार अलग भागो में संग्रहण, गीला कचरा निस्तारीकरण की व्यवस्था, परिसर की दीवारें दाग धब्बे रहित हो, साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण की व्यवस्था, रिड्यूस, रियूज व रिसाइकिल इनिशिएटिव के तहत उठाए गए कदम, शौचालयों की व्यवस्था एवं उसमे हैंडवॉश, डस्टबिन, लाइट, पानी की व्यवस्था, प्लास्टिक प्रतिबन्ध से सम्बंधित नोटिस का डिस्पले तथा कोविड 19 के रोकथाम के लिए जारी निर्देशों के अनुपालन जैसे थर्मल स्कैनर, सैनेटाइजर की व्यवस्था, बायोमेडिकल वेस्ट जैसे ग्लव्स, मास्क इत्यादि को रखने के लिए अलग से व्यवस्था तथा सर्वेक्षण सम्बन्धी जागरूकता जैसे स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के बारे में जानकारी एवं स्वच्छता महुआ एप्प से सम्बंधित जानकारी आदि होंगे. स्वच्छता सिर्फ निकाय का कार्य नहीं अपितु बेहतर प्रबंधन हेतु सभी नागरिकों का भी सहयोग अपेक्षित है. अतः सभी लोग स्वच्छता रैंकिंग में बढ़चढ़कर भाग लें एवं स्वछता रैंकिंग के मूल्यांकन के मापदंड के अनुसार अपने संस्थानों को व्यवस्थित करें ताकि अपशिष्ट प्रबंधन में जुगसलाई क्षेत्र मॉडल के तौर पर उभर सके. आपको बता दें कि स्वच्छता रैंकिंग में जमशेदपुर को काफी बेहतर पोजिशन मिल चुका है जबकि जुगसलाई भी अपने श्रेणी में अव्वल प्रदर्शन कर चुका है. मानगो को बेहतर प्रदर्शन कराने के लिए उम्मीद की जा रही है कि जल्द से जल्द इस पर काम शुरू हो जायेगा. (नीचे पूरी खबर देखें क्या बदला गया है पैमाना)
पैमाना इस बार बदल गया है
स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के तहत शहरों की सफाई के लिए 7500 अंक हासिल करना जरूरी है जबकि पहले 6000 अंक तय किया गया था. इस सर्वेक्षम के दौरान फेस टू फेस फीडबैक के लिए जनवरी से फरवरी 2022 से शुरू हो जायेगा. डिजिटल तरीके से शहरों का आंकलन शुरू हो चुका है. इस बार सीनियर सिटीजन और युवाओं से अधिक फीडबैक ली जायेगी. इसके अलावा कोरोना वेस्ट मैनेजमेंट, सामाजिक और धार्मिक आयोजनों से निकलने वाले वेस्ट के निस्तारण की क्या व्यवस्था है, इसके लिए भी अंक अलग से निर्धारित की गयी है. सर्विस लेवल प्रोग्रेस पर इस साल 2000 की जगह 3000 अंक निर्धारित की गयी है. इसके तहत प्लास्टिक और पॉलिथिन पर प्रतिबंध, गीला-सूखा कूड़ा को अलग-अलग उठने की व्यवस्था, कूड़े का बेहतर निस्तारण, सीवरेज की सफाई समेत अन्य मापदंड तय किये गये है. इस बार सफाई मित्र सुरक्षा को भी जोड़ा गया है, जिसमें यह देखा जायेगा कि मशीनों से सफाई हो रही है या मानवीय तरीके से हो रही है. कर्मचारी के पास सुरक्षा का उपकरण है या नहीं है. टीका दिया गया है या नहीं. सिटीजन वायस पर 2250 ग़ंक हासिल किया जा सकता है. 10 सवाल का जवाब लोगों से पूछा जायेगा, जिसके आधार पर यह अंक रखा गया है. 2250 अंक सर्टिफिकेशन पर तय किया गया है, जो पिछले साल 1800 था. पूरी तरह खुले में शौच मुक्त है या नहीं शहर, यह भी देखा जायेगा, जिसके तहत 7 स्टरा सिटी के 1250 अंक, 5 स्टार सिटी के 1000 अंक, 3 स्टार सिटी के 800 अंक, 1 स्टार सिटी के लिए 500 अंक, ओडीएफ प्लस सर्टिफिकेट के लिए 400 अंक, ओडीएफ प्लस प्लस सर्टिफिकेट के 800 अंक और राटर प्लस सर्टिफिकेट के 1000 अंक निर्धारित किया गया है. (नीचे पढ़े जमशेदपुर अक्षेस की तैयारी क्या है)
जमशेदपुर अक्षेस की तैयारी
स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 के तहत जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति द्वारा स्वच्छ टेक्नोलॉजी चैलेंज का आयोजन किया जा रहा है. इस चैलेंज के तहत स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने हेतु निकाय, राज्य एवं देश स्तर पर चैलेंज के तहत सम्मानित किया जाएगा एवं विजेताओं को पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी. निकाय स्तर पर दो टेक्नोलॉजी का चयन कर राज्य स्तर पर आकलन हेतु भेजा जाएगा, राज्य स्तर पर प्रथम स्थान पाने वाले टेक्नोलॉजी को 2.5 लाख रुपये, द्वितीय स्थान के लिए 1.5 लाख रुपये एवं तृतीय स्थान के लिए 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी. इस चैलेंज में स्वच्छ भारत अभियान से संबंधित किसी भी टेक्नोलॉजी के लिए आवेदन किया जा सकता है, हालांकि पूर्व से निर्धारित चार मुख्य क्षेत्र सामाजिक समावेश, जीरो डंप, प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट, ट्रांसपेरेंसी को रखा गया है. स्वच्छ टेक्नोलॉजी चैलेंज कुल 100 अंकों का है. समाधान की मुख्य विशेषताओं पर 15 अंक, टेक्नोलॉजी की मुख्य विशेषताओं पर 15 अंक, कार्यविधि पर 10 अंक, व्यवसायिक संभावनाओं पर 20 अंक, रिप्लीकेबिलिटी पर 10 अंक, स्केलेबिलिटी पर 10 अंक, कार्यान्वयन में लगने वाले समय पर 10 अंक एवं स्वदेशी तकनीकी के इस्तेमाल पर 10 अंक निर्धारित किए गए हैं. चैलेंज से संबंधित अन्य जानकारी https://jnac.in/competition/ से प्राप्त की जा सकती है.




