
नयी दिल्ली : भाजपा के संसदीय दल की बैठक सोमवार को हुई. इस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. इसके अलावा संसदीय दल के सारे लोग मौजूद थे. इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा) ने सभी लोगों का स्वागत किया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में सांसदों को कहा कि बार बार बच्चों तरह एक ही बात कहना ठीक नहीं लगता है. आप सब अपनें में परिवर्तन लाये नहीं तो समय पर परिवर्तन खुद हो जाता है. भाजपा के सांसदों को पीएम मोदी ने कहा कि खेल अभियान को केवल एक माह में ही खत्म नहीं करें. हर माह अलग-अलग खेल का आयोजन करना चाहिए. श्री मोदी ने सांसदों को कहका कि वे लोग अपने क्षेत्रों में लोगों के काशी के कार्यक्रम को देखने के लिए व्यवस्था करें. 13 दिसंबर को काशी जा रहे हैं. चूंकि संसद का सत्र चल रहा है, इस कारण सभी सांसदों को वहां नहीं आने के लिए कहा गया है. सांसदों को संसद में रहना है. भाजपा संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने संसद में गैर हाजिर रहने वाले सांसदों को कड़ी नसीहत भी दी. श्री मोदी ने कहा कि सभी सांसद पूरे समय सदन में मौजूद रहे और ये बात हर बार बोलना ठीक नहीं है. सबकी जिम्मेदारी है कि वो सदन में रहे. पीएम मोदी ने कहा कि वे राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश का 14 दिसंबर को पालू करेंगे, जब वे काशी में रहेंगे. उस दिन वे बनारस के सभी पदाधिकारियों के साथ चाय पर चर्चा करेंगे. इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि वे लोग सभी निलंबित सांसदों को संसद में वापस बुला लेंगे, लेकिन उनको हर हाल में माफी मांगनी होगी. (नीचे पूरी खबर देखें)

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने पीएम मोदी का किया अभिनंदन
संसदीय दल की बैठक के दौरान केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन किया गया. श्री मुंडा ने कहा कि 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रुप में घोषित करने के फैसले से जनजाति समाज गौरांवित महसूस कर रहा है. इस अवसर पर उनके साथ भाजपा के सभी जनजातीय सांसद मौजूद थे. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे लोग प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण की ओर अग्रसर हो रहे है. आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में जनजातीय क्रांतिकारियों के योगदान को याद करते हुए पीएम मोदी द्वारा भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रुप में मनाने का फैसला कैबिनेट में लिया, जो गौरव की बात है. इस दौरान झारखंड से राज्यसभा सांसद समीर उरांव समेत अन्य सांसद मौजूद थे.




