
जमशेदपुर : कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य और जमशेदपुर के पूर्व सांसद डॉ अजय कुमार ने झारखंड के मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर कहा है कि जमशेदजी टाटा ने जमशेदपुर में टाटा कंपनी की स्थापना की थी और इस शहर को सपनों का शहर बनाने का वादा किया था। लेकिन ऐसा होता दिख नहीं रहा है। डॉ अजय ने कहा है कि जमशेदपुर में कई ऐसे गैर कंपनी वाले क्षेत्र हैं जिन पर टाटा कंपनी द्वारा उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा, जहां लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में उपेक्षा दिखाई जा रही है। भारत की 2011 की जनगणना के अनुसार जमशेदपुर शहरी समूह की जनसंख्या 1,337,131 है और इसमें से अधिकतम 70% लोग गैर कंपनी क्षेत्रों और जमशेदपुर की विभिन्न बस्तियों में रह रहे हैं जैसे जमशेदपुर (औद्योगिक टाउन), जमशेदपुर (NAC), टाटा नगर रेलवे कॉलोनी, मानगो, जुगसलाई, बागबेड़ा, छोटा गोविंदपुर, बिरसानगर, हलुदबनी, सरजमदा जैसे कई गैर-कंपनी क्षेत्र हैं। टाटा कंपनी द्वारा जमशेदपुर में गैर कंपनी क्षेत्रों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोई समान रणनीति नहीं बनायी गयी है। जमशेदपुर के गैर कंपनी क्षेत्रों की जनता को मूलभूत सुविधा जैसे अच्छी सड़कें, बेहतर बिजली, यहां तक कि अच्छा पानी भी नहीं मिल पाता है। टाटा कंपनी हमारे झारखंड की धरती से 12000 करोड़ का मुनाफा (टाटा स्टील के 2021 सितंबर के आंकड़ों के अनुसार) कमा रही है, तो फिर जमशेदपुर की 70% जनता पर कुछ पैसे खर्च कर बेहतर जिंदगी देने में क्यों संकोच कर रही है? (नीचे भी पढ़ें)
डॉ अजय ने कहा है कि वे मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हैं कि मुख्य सचिव को इस संबंध में टाटा प्रबंधन के अधिकारियों के साथ इन मुद्दों पर बातचीत करने का निर्देश दें, ताकि वे टाटा प्रबंधन से आश्वासन लें कि कंपनी जमशेदपुर में 70 प्रतिशत गैर कंपनी क्षेत्रों के विकास की दिशा में त्वरित कदम उठाएगी तथा मूलभूत सुविधा जैसे अच्छी सड़कें, बेहतर बिजली, यहां तक शुद्ध पानी मुहैया कराए और टाटा प्रबंधन इस संबंध में सरकार के साथ एक विस्तृत प्लान भी साझा करे। डॉ अजय कुमार ने अनुरोध किया है कि मुख्य सचिव इस संबंध में टाटा कंपनी की प्रगति की नियमित आधार पर विश्लेषण भी करें और सरकार को रिपोर्ट दें।













