
रांची : झारखंड के चिकित्सको का एक प्रतिनिधिमंडल स्वास्थ मंत्री बन्ना गुप्ता से मिलकर विभिन मुद्दों पर अपनी मांगो को रखा. ज्ञातव्य हो कि लातेहार के चंदवा में पदस्थापित महिला चिकित्सक डॉ नीलीना कुमारी को कुछ असामाजिक तत्वों ने 12 जनवरी को अगवा कर लिया और उन्हें रामगढ़ लेकर चले गए. चिकित्सक द्वारा बहुत मिन्नत के बाद 2.50 लाख फिरौती लेकर उन्हें छोड़ा. इस संदर्भ मे चंदवा थाने मे एफआइआर दर्ज कराई गई लेकिन अभी तक किसी कि भी गिरफ़्तारी नहीं हो पाई है. इस पर मंत्री ने गृह सचिव अरुण कुमार एक्का से बात कर त्वरित कार्रवाई के लिए आदेश दिया. चिकित्सक प्रतिनिधिमंडल द्वारा सीईए के विसंगतियों के सम्बन्ध मे यह मांग रखा गया कि हरियाणा सरकार द्वारा 50 बेड तक के अस्पतालो को दिए जाने वाले छूट झारखण्ड मे भी लागू हो. इस पर मंत्री ने सकारात्मक पहल का अश्वासन दिया एवं एक उच्चस्तरीय कमिटी के गठन के लिए सहमति जताई, जिसमे आईएमए एवं झासा के सदस्य भी कमिटी का हिस्सा होंगे. इसके बाद मंत्री का आरटीपीसीआर एवं रैपिड एंटीजन टेस्ट के मूल्य निर्धारण के तरफ ध्यानाकर्षण किया गया, जिस पर मंत्री ने मूल्यों के संशोधन का आश्वासन भी दिया. मंत्री से कोरोना में शहीद चिकित्सको के लाभुक परिवारों को आर्थिक सहायता हेतु ध्यान आकर्षक किया गया, जिस पर मंत्री ने यह अश्वासन दिया कि अगर सभी कागजात सही प्राप्त होंगे तो जरूर सरकारी आर्थिक मदद मिलेगी. सरकार इसके लिए कटिबद्ध है. प्रतिनिधिमंडल मे आइएमए झारखंड के सचिव डॉ प्रदीप सिंह, झासा के सचिव डॉ विमलेश सिंह, आइएमए अध्यक्ष डॉ शंभु प्रसाद सिंह, वीमेंस विंग आइएमए अध्यक्ष डॉ भारती कश्यप, डॉ अजीत कुमार, डॉ अखिलेश कुमार झा, डॉ राकेश ठाकुर, डॉ शिप्रा शरण, डॉ पूजा सहाय, डॉ निशांत शरण एवं डॉ नितीश शरण समेत अन्य लोग मौजूद थे.





