जमशेदपुर : जमशेदपुर स्थित सीएसआइआर–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला में 17 सितंबर से चल रहे “स्वच्छता ही सेवा 2026” अभियान का मंगलवार को समारोह पूर्वक समापन हुआ. समारोह के मुख्य अतिथि, टाटानगर के क्षेत्रीय रेल प्रबंधक नीतीश कुमार ने भारत को स्वच्छ एवं हरित बनाने में जन भागीदारी के महत्व पर जोर दिया. सीएसआइआर-एनएमएल के निदेशक, डॉ संदीप घोष चौधरी ने अभियान के दौरान शुरू की गई स्वच्छता संबंधी पहलों का नियमित ऑडिट करने तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन एवं निरंतरता को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया. (नीचे भी पढ़ें)

बताते चलें कि सीएसआइआर एनएमएल में विगत 17 सितंबर से स्वच्छता ही सेवा-2026 अभियान चलाया गया. “स्वच्छता में सहभाग, स्वच्छ भारत, विकसित भारत” थीम के अंतर्गत आयोजित उक्त अभियान के दौरान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, उत्तरदायी अपशिष्ट प्रबंधन तथा सामूहिक सहभागिता की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं. अभियान की शुरुआत विगत 17 सितंबर को स्वच्छता शपथ एवं “एक पेड़ मां के नाम” के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम के साथ हुई. इस अवसर पर प्रयोगशाला ने स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. 21 एवं 22 सितंबर को “स्वच्छ डेस्क एवं स्वच्छ परिसर अभियान” के तहत कर्मचारियों ने अपने कार्यस्थलों की सफाई एवं व्यवस्थित रखरखाव में सक्रिय भागीदारी निभाई. कर्मचारियों ने अपने स्वच्छ डेस्क की तस्वीरें एक समर्पित व्हाट्सऐप समूह में भी साझा कीं. (नीचे भी पढ़ें)

23 एवं 24 सितंबर को सीएसआइआर-एनएमएल स्टाफ क्लब के सहयोग से “नेकी की दीवार का पुनरुद्धार” पहल आयोजित की गई. इस दौरान कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सदस्यों ने पुराने कपड़े, पुस्तकें, खिलौने तथा अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं उदारतापूर्वक दान कीं. एकत्र सामग्री जरूरतमंद लोगों के बीच वितरण हेतु रामकृष्ण मिशन विवेकानंद सोसाइटी को सौंपी गई. (नीचे भी पढ़ें)

विद्यालयी विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 25 सितंबर को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भ्रमण पर आए विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला का दौरा किया तथा अपशिष्ट-से-संपदा (वेस्ट टु वेल्थ) प्रौद्योगिकियों के माध्यम से अपशिष्ट पदार्थों को मूल्यवर्धित उत्पादों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त की. 29 सितंबर को “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” पहल के अंतर्गत रोलिंग बे एवं एचडीपीएस बे में स्वैच्छिक श्रमदान किया गया. इसी दिन सीएसआइआर-एनएमएल के एग्रिको परिसर में “स्वच्छता से समृद्धि– कबाड़ से जुगाड़” कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें कर्मचारियों एवं उनके परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अनुपयोगी सामग्रियों से उपयोगी एवं नवाचारपूर्ण वस्तुएं तैयार कीं. इन गतिविधियों के माध्यम से सीएसआइआर-एनएमएल ने यह संदेश दिया कि स्वच्छता का अर्थ केवल अपने आसपास के परिवेश को साफ रखना नहीं है, बल्कि अपशिष्ट को कम करना, उपयोगी सामग्रियों का पुनः उपयोग करना, पर्यावरण की रक्षा करना तथा दैनिक जीवन में जिम्मेदार व्यवहार अपनाना भी है. इस अवसर पर स्वच्छता ही सेवा समिति के अध्यक्ष, डॉ. गोपी किशोर मंडल ने अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों का संक्षिप्त प्रतिवेदन प्रस्तुत किया.







