जमशेदपुर : जमशेदपुर के डीसी ऑफिस में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी विजया जाधव की अध्यक्षता में डीएमएफटी न्यास परिषद की बैठक संपन्न हुई. डीएमएफटी मद से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास को लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, लघु सिचाई तथा जीविकोपार्जन प्रक्षेत्र की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई. बैठक में विधायक घाटशिला रामदास सोरेन, विधायक बहरागोड़ा समीर मोहंती, विधायक पोटका संजीव सरदार, जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू शामिल हुई. निदेशक डीआरडीए सौरभ सिन्हा, निदेशक एनईपी ज्योत्सना सिंह, जिला योजना पदाधिकारी अरूण द्विवेदी, जिला खनन पदाधिकारी संजय शर्मा तथा सभी तकनीकी विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे.(नीचे भी पढ़े)

बैठक में खनन प्रभावित विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से प्राप्त योजनाओं के प्रस्ताव को समेकित कर वर्ष 2022-23 के लिए तैयार की गई कार्य योजना का प्रारूप न्यास परिषद के समक्ष रखा गया. साथ ही विधायकगण द्वारा मौके पर अनुशंसित अन्य योजनाओं को भी इसमें शामिल किया गया. बैठक में डीएमएफटी फंड के तहत वैसी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई जिससे खनिज उत्खनन क्षेत्र के लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो सकें. जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए पीएचसी, सीएचसी में आवश्यकतानुसार चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति के लिए सिविल सर्जन से प्रस्ताव मांगा गया. बहरागोड़ा एवं चाकुलिया प्रखंड में प्रसूता महिलाओं के लिए महिला एवं प्रसूती रोग विशेषज्ञ की प्रतिनियुक्ति की जाएगी, जो दोनों प्रखंड में 3-3 तीन समय देंगी. भवनहीन सरकारी विद्यालयों में कमरा निर्माण एवं सिंचाई नाला निर्माण के प्रस्ताव को प्रमुखता से पारित किया गया.(नीचे भी पढे)

सरकारी विद्यालयों में चारदीवारी निर्माण के प्रस्ताव को दूसरे मद से लेने पर सभी ने सहमति जताई. वहीं जिन सरकारी विद्यालयों में कमरे की आवश्यकता है वैसे करीब 40 से ज्यादा स्थानों पर कमरा निर्माण की अनुशंसा की गई. विधायकगण द्वारा सुझाव दिया गया कि जिन प्रखंडों में जल जीवन मिशन की योजना संचालित की जा रहीं वहां जलमीनार या चापाकल अधिष्ठापन जैसी योजनाओं का प्रस्ताव नहीं लें. डीएमएफटी न्यास परिषद की बैठक के दौरान विभिन्न प्रखंडों से आए प्रमुख ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्या न्यास परिषद के समक्ष रखी. उपायुक्त ने सभी जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना तथा यथोचित कार्रवाई को लेकर आश्वस्त किया.



