बोकारो:सीबीआई की टीम गुरुवार को बोकारो स्थित आशियाना फेज 4 देर शाम को छापेमारी की. छापेमारी के दौरान किसी की पकड़े जाने की खबर अब तक नहीं है. जानकारी के अनुसार डॉक्टर मुकेश कुमार के आवास में घुसकर घंटों तलाशी ली तथा उनके परिजनों से पूछताछ की और उनके क्लीनिक चास जोधाडीह मोड़, शिव शक्ति कॉलोनी और जहां बैठते है वहा पर भी छापेमारी की. इसके बाद सीबीआई की टीम वापस लौट गई. बताया जाता है कि जिस डॉक्टर की तलाश में सीबीआई की टीम बोकारो पहुंची थी वह डॉक्टर रसिया में डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की थी. नियम के मुताबिक विदेश में डॉक्टरी पढ़ने वाले डॉक्टरों को जब वहां की उपाधि मिल जाती है तो उन्हें भारत में भी परीक्षा देना पड़ता है. तथा रजिस्ट्रेशन भारत में भी होता है, तत्पश्चात ही भारत में प्रैक्टिस कर सकते हैं.(नीचे भी पढ़े)
ऐसे में जिन डॉक्टर के घर छापेमारी हुई है वह डॉक्टर रसिया के पढ़े लिखे हैं जो भारत में आकर रजिस्ट्रेशन तो करवा लिए लेकिन जो भारत में उन्हें परीक्षा देनी थी उस परीक्षा में फेल कर गए.फेल करने के बाद उन्होंने सफलता के लिए दूसरी परीक्षा नहीं दी. जिसके बाद ऐसे डॉक्टरों की खोज शुरू की गई, जांच के क्रम में यह पाया गया कि बोकारो में भी ऐसे एक डॉक्टर हैं. हालांकि इस मामले की प्राथमिकी दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया है. दिल्ली पुलिस के द्वारा दर्ज किए गए मामले को जांच के लिए सीबीआई को सुपुर्द कर दिया गया था. जिसके बाद सीबीआई की टीम इस मामले में बोकारो आ गई है. डॉक्टर के घर से कौन कौन से दस्तावेज सीबीआई को मिले हैं इसकी पुष्टि नहीं की गई है.(नीचे भी पढे)
लेकिन चास और स्थित ठिकानों पर छापेमारी करने के बाद कुछ कागजातों को अपने साथ ले गई है. स्थानीय पुलिस के मुताबिक इसकी सूचना सीबीआई की टीम ने स्थानीय पुलिस को नहीं दी है. इधर जब आरोपी डॉक्टर से संपर्क किया गया तो उन्होंने मीडिया बात नहीं की. उन्होंने कहा कि मैं कहीं प्रैक्टिस नही करता हूं वहीं उनकी पत्नी ने भी मीडिया से कुछ भी कहने से साफ मना कर दी और वहां से जाने को कह दिया
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