जमशेदपुर : जमशेदपुर में नगर निगम को लेकर डाक्यूमेंट्री बनाई जा रही है. इसके लिए सोमवार को बिष्टुपुर में जवाहरलाल शर्मा के साथ सौरभ विष्ण ने प्रेस वार्ता किया. जिसमें उन्होंने बताया कि जमशेदपुर देश का एकमात्र शहर है जहां लोगों को तीसरे मताधिकार का अधिकार हासिल नहीं है क्योंकि यहां नगर निगम नहीं है. यहां टाटा स्टील के इलाके में बेहतरीन नागरिक सुविधाएं हैं लेकिन गैर टिस्को के लोग सुविधाओं के लिए तरसते हैं. मानवाधिकार कार्यकर्ता जवाहरलाल शर्मा ने 1988 में इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल किया था जिसपर 1989 में जमशेदपुर में नगर निगम बनाने का फैसला भी आया लेकिन इतने सालों से मामला विभिन्न कोर्टों में घूमकर लंबित पडा है. मीडिया में यह मुद्दा सालों से उठता रहा है और अब ये मुद्दा डाक्यूमेंट्री फिल्म के रूप में पूरी दुनिया में आएगा. अमेरिका में रह रहे जमशेदपुर के सौरभ विष्णु इस मुद्दे पर दो घंटे की डाक्यूमेंट्री फिल्म बना रहे हैं जिसके लिए वे इन दिनों जमशेदपुर में हैं. उन्होंने बताया कि उनकी डाक्यूमेंट्री अस्सी प्रतिशत बन चुकी है. (नीचे भी पढ़ें)
2023 के अंत तक इसके पोस्ट प्रोडक्शन का काम खत्म हो जाने की संभावना है. 2024 की शुरुआत में यह फिल्म ओटीटी से लेकर थियेटर पर जारी कर दी जाएगी. इसके अलावा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सवों में भी इसे भेजा जाएगा. सौरभ ने बताया कि वे मूल रुप से जमशेदपुर के हैं जहां के एग्रीको एरिया में उनका बचपन बीता. उन्होंने राजेंद्र विद्यालय से स्कूल की पढ़ाई की और बाद में एनआईटी से इंजीनियरिंग करके वे अमेरिका चले गए. उन्होंने एमबीए भी किया और कुछ सालों तक नौकरी के बाद अपना व्यवसाय शुरु किया. अब पिछले कुछ सालों से वे फिल्में बना रहे हैं. (नीचे भी पढ़ें)
जमशेदपुर से सटे जादूगोड़ा में प्रदूषण की मार पर उनके द्वारा बनाई गई ‘टेलिंग पांड’ काफी चर्चित हो चुकी है. सौरभ ने बताया कि टिस्को एरिया में रहने की वजह से वे जमशेदपुर के इस गंभीर मुद्दे से परिचित नहीं हो पाए लेकिन जब बस्तीवासियों से उनका संपर्क हुआ तब उनको हकीकत समझ में आई. 2015 में वे विधायक सरयू राय से मिले और उसके बाद उनकी मुलाकात जवाहरलाल शर्मा से हुई जिसके बाद वे इस मामले की तकनीकी जानकारी से रुबरु हुए. सौरभ ने बताया कि डाक्यूमेंट्री में उन्होंने 450 लोगों से बाईट ली है जिनमें सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक कार्यकर्ता, आम आदमी और अन्य लोग शामिल हैं. ज्यादातर ये मानते हैं कि जमशेदपुर को उसका हक टाटा स्टील की वजह से नहीं मिल रहा है. सौरभ ने बताया कि उनकी कोशिश है कि फिल्म में सबका पक्ष आए लेकिन टाटा स्टील इस संबंध में कोई भी आधिकारिक बयान देने से बच रही है. (नीचे भी पढ़ें)
वहीं कभी इस मामले को लेकर मुखर रहे पूर्व सीएम रघुवर दास से भी मिलने की कोशिश की लेकिन उनसे मिलने नहीं दिया गया.सौरभ ने बताया कि वे स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से भी मिलने की कोशिश कर रहे हैं पर सफल नहीं हो पा रहे हैं. उधर मानवाधिकार कार्यकर्ता जवाहरलाल शर्मा ने प्रेस को संबोधित करते हुए कहा कि तीसरे मताधिकार को लेकर उनकी लडाई जारी है और अब सौरभ विष्णु जैसे युवा डाक्यूमेंट्री के माध्यम से सच्चाई को सामने लाना चाहते हैं तो वे पूरा सहयोग करेंगे. जवाहरलाल शर्मा ने कहा कि टाटा स्टील के साथ साथ सरकार भी इस मामले में दोषी है. अगर वह चाहे तो समस्या का समाधान निकल सकता है. टाटा से कोई विरोध नहीं लेकिन संविधान के दायरे में काम हो.




