अनिल कुमार / बोकारो : झारखंड के बोकारो में जमीन माफिया जमीन के कागजातों की हेराफेरी कर लोगों को परेशान कर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला बोकारो के चास अंचल में सामने आया है. जहां जमीन माफियाओं से परेशान होकर मंगलवार को ग्रामीण एकजुट होकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे. जमीन माफिया के द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे फर्जी कागजात की जांच की मांग उपायुक्त को मांग पत्र देकर किया गया. बोकारो के खेदाडीह गांव के रहने वाले हर्ष लाल महथा का कहना है कि यह जमीन जमीन माफियाओं की वर्ष 1922 से है. इन लोगों के नाम पर 1932 में खतियान भी बना है. उसके बाद बोकारो स्टील में 1965 में इन लोगों से 42 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया. उसकी एव्वज में पैसा और नौकरी भी मिला. उसके बाद 1983 में हुए सर्वे में भी इन लोगों का नाम वर्तमान में सर्वे सेटेलमेंट में दर्ज है. (नीचे भी पढ़ें और देखें वीडियो)
नेशनल हाईवे ने जब जमीन अधिग्रहण किया तो उस पर भी राशि का भुगतान भी किया गया था. लेकिन वर्तमान में रोशन अली नाम का एक व्यक्ति पुरुलिया से फर्जी कागज बनाकर जमीन 84 वर्ष पूर्व बंदोबस्त लेने की बात कहकर अनुमंडल कार्यालय में आवेदन देकर 144 का मामला दर्ज करा दिया है. ऐसे में वे लोग परेशान हैं और लोगों को विभिन्न प्रकार से दबाव और धमकाया जा रहा है. लोगों की मांग है कि न्याय मिले और फर्जी कागजात बनाकर जमीन हड़पने वालों पर पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाए.











