नयी दिल्ली: भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मंगलवार को आम सहमति से भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के कार्यकाल जून 2024 तक बढ़ाने का फैसला लिया गया. गृह मंत्री अमित शाह ने कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों की सेवा करने में जेपी नड्डा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनकी अगुवाई में कई राज्यों के चुनावों में पार्टी की जीत हुई. उन्होंने कहा, विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष नड्डा के नेतृत्व में पार्टी 2019 की तुलना में और बड़े जनादेश के साथ 2024 का लोकसभा चुनाव जीतेगी. वे लालकृष्ण आडवाणी और अमित शाह के बाद तीसरे नेता बन गए, जिन्हें लगातार दूसरी बार अध्यक्ष बनाया गया.(नीचे भी पढ़े)
इस देश के 10राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है. जिसमें जम्मू- कश्मीर भी शामिल है. पार्टी 10 राज्यों के विधानसभा चुनाव व अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जेपी नड्डा को यह विस्तार दिया गया है. ऐसी संभावना है कि 29 राज्यों में से 15 राज्यों में संगठन में फेरबदल हो सकता है. साथ ही करीब एक दर्जन से अधिक मंत्रियों को बदला जा सकता है. कुछ युवा नेता को मंत्री पद दिया जा सकता है और कुछ को संगठन में लाया जाएगा. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि गुजरात चुनाव में भाजपा को शानदार जीत दिलाने वाले प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल को मजबूत पद मिल सकता है. साथ की कुछ मंत्रियों को प्रमोसन भी दिया जाएगा. कर्नाटक के मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है. युवा नेता को मंत्री पद मिल सकता है.(नीचे भी पढ़े)
लेकिन तेलंगाना में भाजपा के युवा नेता मंत्री बनाया जा सकता है. मोदी ने कहा- बॉर्डर के गांवों में पार्टी का संगठन मजबूत होना चाहिए. पार्टी की गतिविधियां होनी चाहिए. मोदी ने कार्यकर्ताओं को टास्क दिया कि चुनाव में 400 दिन बचे हैं. हमें पूरी तैयारी से जुटना है. भाजपा एक राजनीतिक आंदोलन बन चुकी है. अब यह सामाजिक आंदोलन बनेगी. हमें लोगों से हर दिन मिलना है. जैसे एक दिन यूनिवर्सिटी, एक दिन चर्च, एक दिन अन्य जगह जाकर लोगों से मिलें. अगर अब कुछ नहीं किया तो इतिहास हमें माफ नहीं करेगा. नए कार्यकर्ताओें को लेकर बूथ मजबूत करें. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कमजोर बूथों की पहचान कर उस पर मजबूती से काम करने को कहा. (नीचे भी पढ़े)
पार्टी ने ऐसे 72 हजार बूथों की पहचान की है. अब तक 1 लाख 32 हजार बूथों पर पार्टी पहुंच भी चुकी है. कमल पर बैठी अष्टलक्ष्मी के कॉन्सेप्ट को जमीन पर उतारने को लेकर चर्चा होगी.विधानसभा और लोकसभा चुनाव से पहले हो रही इस बैठक में पार्टी कमजोर लोकसभा सीटों की समीक्षा करेगी. इनकी संख्या करीब 160 है. 29 राज्यों में से 15 राज्यों के संगठन में फेरबदल की संभावना है. झारखंड की 14 लोक सभा सीट में 12 पर भाजपा और उनके सहयोगी का कब्जा है. बचे हुए दो सीटों पर भाजपा आला कमान की नजर है. एक सीट कांग्रेस व एक झामुमो के पास है. इन दोनों सीट पर भाजपा का फोकस रहेगा. इसके लिए संगठन में फेरबदल हो सकता है. किसी आदिवासी नेता को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी जा सकती है.











