जमशेदपुर : जमशेदपुर के जुगसलाई में काफी जद्दोजहद और करीब सौ साल की लड़ाई के बाद यहां रेलवे ओवरब्रिज तो बना दिया गया है, लेकिन यह बड़ा मुसीबत भी साबित हो सकता है. वैसे इसके उदघाटन को लेकर राज्य सरकार की ओर से 30 जनवरी का दिन तय किया गया है. इसको लेकर दौरा सभी अधिकारियों का चल रहा है. लेकिन इससे मुसीबत बढ़ेगा या इससे समस्या का समाधान होगा, यह देखने वाली बात होगी. करीब दो किलोमीटर लोगों को अतिरिक्त चलना होगा. इसके अलावा रोड को संकरा बनाया गया है, जिससे बड़ी गाड़ियों के फंसने का डर है. जुगसलाई एक कारोबारी इलाका है, जहां से सबसे ज्यादा मालवाहक गाड़ियां भी आती है. ऐसे में बड़ी गाड़ियां यहां फंस सकती है. रेलवे के कानूनों के मुताबिक, ओवरब्रिज शुरू होते ही, रेलवे फाटक को बंद कर दिया जायेगा. (नीचे भी पढ़ें)

ऐसे में रेलवे फाटक से किसी की आवाजाही नहीं हो सकेगी. पैदल चलने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. पैदल चलने वालों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि पैदल वालों को भी ओवरब्रिज से ही आना जाना होगा. फुटओवरब्रिज बनाने का डिमांड भी हो रहा है, लेकिन अब तक इसका रास्ता नहीं निकल पाया है. ऐसे में दुकान, छोटी कंपनियों और टाटा स्टील से काम में जाने और आने वाले कर्मचारियों के लिए क्या रास्ता होगा, यह बताने वाला कोई नहीं होगा. उनके लिए मुश्किलें पैदा हो सकती है. रेलवे ओवरब्रिज को लेकर जितनी मुंह, उतने सवाल की स्थिति है. फिलहाल, उदघाटन के बाद ही हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह मुसीबत का ओवरब्रिज बनेगा या सुविधा देने का. हालांकि, रेलवे ओवरब्रिज में साइकिल और पैदल चलने वालों के लिए भी व्यवस्था किया गया है. पुल की लंबाई करीब 1.2 किलोमीटर है. दोनों किनारों पर पैदल और साइकिल सवारों के लिए ट्रैक बनाया गया है. करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से इसको बनाया गया है. करीब तीन लाख लोगों को इससे सहूलितय होने की बात कहीं गयी है.




