गिरिडीह : सीआरपीएफ की 7वीं बटालियन मुख्यालय, गिरिडीह से शनिवार को 14वें जनजातीय युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत 20 युवाओं को ओड़िशा के भुवनेश्वर भेजा गया. इसमें गिरिडीह जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के 10 युवक एवं 10 युवक शामिल किये गये हैं जो सीआरपीएफ के गाइड के अंडर में ओड़िशा के विभिन्न भागों का भ्रमण करेंगे. (नीचे भी पढ़ें)

गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय की ओर से तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं. इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य इन आदिवासी बच्चों को वहां भेज कर उन्हें वहां के रहन-सहन परिवेश, काम, रोजगार, बोलचाल संस्कृति आदि से परिचित कराना है ताकि वहां से अपने घर-गांव लौट कर लोगों को वहां के परिवेश की जानकारी दें ताकि उन के माध्यम से खुद का ज्ञान बढ़ाने के साथ ही गांव घर के लोगों का भी दूर देश के बारे में ज्ञान वर्द्धन कर सकें. इस मौके पर बच्चों में आवश्यक किट भी वितरित की गयी.(नीचे भी पढ़ें)
सीआरपीएफ की 7वीं बटालियन के कमांडेंट कंपिंग गिल ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रम पूर्व में भी आयोजित होते रहे हैं, जिसमें बच्चों को देहरादून, उत्तराखंड एवं लखनऊ उत्तर प्रदेश आदि स्थानों पर भी भेजा गया जो काफी सफल रहा. उन्होंने कहा कि बच्चे वहां जाकर कई कार्यक्रमों में शिरकत भी करेंगे तथा यहां की संस्कृति वहां पर प्रस्तुत करेंगे. (नीचे भी पढ़ें)
उन्होंने बच्चों को इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिये तथा उन्हें इस यात्रा की शुभकामनाएं भी दीं. इस अवसर पर सीआरपीएफ की 7वीं बटालियन के सीईओ कपिंग गिल, उप कमांडेंट नवीन विश्वकर्मा सहित सीआरपीएफ के अधिकारी व नेहरू युवा केंद्र के अधिकारी भी उपस्थित थे.



