देवघर : संथाल परगना चैंबर ऑफ कॉमर्स ने राज्य कृषि उपज एवं पशुधन विपणन (संवर्धन और सुविधा) विधेयक, 2022 के विरोध में बुधवार 15 फरवरी से राज्य में खाद्य वस्तुओं का आवक-जावक एवं कृषि मंडियों की थोक दुकानों की बेमियादी बंदी की घोषणा की है. इसके तहत राइस मिल्स एवं फ्लोर मिल्स सहित अन्य खाद्य वस्तुओं की मिलों में भी उत्पादन और खरीद-बिक्री पूर्णतया बंद रहेगी.चैंबर ने इस जन विरोधी कानून के विरूद्ध हो रहे इस आंदोलन में आलू-प्याज, फल एवं सब्जियों के थोक विक्रेता भी शामिल रहेंगे. चैंबर ने कहा है कि उनके इस निर्णय से राज्य में खाद्य वस्तुओं की उपलब्धता प्रभावित होगी जिससे उपभोक्ताओं को कठिनाई भी होगी, किन्तु इस विधेयक के लागू होने से राज्य में खाद्य वस्तुओं की मूल्यवृद्धि के साथ ही इंस्पेक्टर राज और अवैध वसूली बढ़ने की आशंका के मद्देनजर लोगों को महंगाई से बचाने के लिए उन्हें मजबूरी में यह निर्णय लेना पड़ा है. (नीचे भी पढ़ें)
कल से बेमियादी व्यापार बंदी से पूर्व संप चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की अगुवाई में राइस मिल एसोसिएशन, खुदरा दुकानदार संघ, बाजार समिति एवं सब्जी मंडी, पेड़ा-प्रसादी विक्रेता संघ, देवघर चैम्बर ऑफ कॉमर्स तथा अन्य व्यवसायियों ने आज संयुक्त रूप से कृषि विधेयक के विरोध में उपायुक्त कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया. धरना के बाद उपायुक्त की अनुपस्थिति में प्रशासी अधिकारी सुबोध राजहंस को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया. संप चैम्बर के अध्यक्ष आलोक मल्लिक ने बताया कि आज के धरने के माध्यम से सरकार को फिर से इस जन विरोधी विधेयक को वापस लेने की मांग करते हुए ऐसा नहीं होने पर कल से पूरे राज्य में खाद्य वस्तुओं का कारोबार ठप हो जाएगा.
आज के धरना में संप चैम्बर के अध्यक्ष आलोक मल्लिक, महासचिव प्रमोद छावछरिया, उपाध्यक्ष उमेश राजपाल, संजीत सिंह, खाद्यान्न व्यवसायी गणेश भालोटिया, विवेक अग्रवाल, मनीष गुप्ता, शेखर गुप्ता, राइस मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश बाजला, प्रदीप खेतान, खुदरा दुकानदार संघ से शीतला चरण द्वारी, राजेश केशरी, पवन बर्णवाल, प्रमोद केशरी, राजेश रुंगटा, पप्पू बर्णवाल, प्रदीप बर्णवाल, अशोक केशरी, मुकेश गुप्ता, बबलू बर्णवाल, बाजार समिति एवं सब्जी मंडी से सुरेन्द्र सिंह, संतोष साह, साहेब साह, सोहेल, महफूज, चिंटू, पेड़ा व्यवसायी चंदू केशरी, मनोज केशरी, ओमप्रकाश केशरी, चतुरानन केशरी, श्याम केशरी, रविशंकर सहित कई व्यवसायी शामिल रहे.



