नई दिल्ली : दिल्ली आबकारी नीति घोटाले में सीबीआइ ने उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया है. सीबीआइ ने वर्ष 2021-22 की आबकारी नीति लागू करने में कथित रूप से हुए भ्रष्टाचार को लेकर यह कार्रवाई की है. उप मुख्यमंत्री सिसोदिया पर मामले से जुड़े सबूतों को मिटाने के साथ ही आपराधिक साजिश रचने, खातों में हेराफेरी एवं भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं के उल्लंघन जैसे आरोप लगाये गये हैं. (नीचे भी पढ़ें)
बता दें कि दिल्ली सरकार द्वारा लायी गयी नई आबकारी नीति 2021-22 के जरिए शराब खरीदने का नया अनुभव लोगों को देना चाहती थी. नई नीति में होटलों के बार, क्लब्स और रेस्टोरेंट्स को रात 3 बजे तक ओपन रखने की छूट सहित कई प्रावधान किये गये थे. (नीचे भी पढ़ें)
लेकिन नई नीति के तहत दिल्ली को 32 जोन में बांटने के साथ ही मार्केट में केवल 16 प्लेयर्स को इजाजत दिये जाने का प्रावधान था, जिससे एकाधिकार मिलने की बात थी. विपक्षी दलों का आरोप था कि नई आबकारी नीति के जरिए केजरीवाल सरकार ने करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया. इसी आरोप को लेकर सीबीआइ सहित अन्य जांच एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं. रविवार को सीबीआइ ने उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को पूछताछ के लिए अपने कार्यालय बुलाया था. सिसोदिया को अपनी गिरफ्तारी का अंदाजा हो गया था, शायद इसीलिए आज सुबह सीबीआइ दफ्तर जाते समय उन्होंने अपनी गिरप्तारी का अंदेसा जता दिया था.(नीचे भी पढ़ें)
सिसोदिया की गिरफ्तारी से दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री समेत आम आदमी पार्टी के सारे नेता भाजपा पर हमलावर हो गये हैं. वहीं दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और सीबीआइ सबूतों के आधार पर कार्रवाई कर रही है.




