जमशेदपुर : टाटा स्टील ने वित्तीय वर्ष 2022-2023 में बेहतर प्रोडक्शन किया है. लेकिन प्रोफिट कितना होगा, यह नहीं कहा जा सकता है. दूसरा और तीसरा तिमाही में आमदनी पर असर पड़ा था, लेकिन अभी कुल कितना प्रोफिट हुआ है, यह अभी नहीं बता सकते है. लेकिन स्थिति बेहतर करने की कोशिश हो रही है. यह बातें टाटा स्टील के एमडी सह सीइओ टीवी नरेंद्रन ने कहीं. उन्होंने कहा कि नये वित्तीय वर्ष में हालात और बेंहतर होंगे. (नीचे भी पढ़ें)

लेकिन यूक्रेन युद्ध के कारण थोड़ा असर जरूर पड़ा है, लेकिन चीन के हालात सुधर रहे है. इस कारण भारत में भी कारोबारी लिहाज से बेहतर स्थिति हो रही है. उन्होंने बताया कि यह उम्मीद है कि 2023-2024 में टाटा स्टील बेहतर तरीके से आगे बढ़ सकेगी. (नीचे भी पढ़ें)
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नये मैटेरियल पर हम लोग काम कर रहे है. ग्रेफिन, मेडिकल समेत अन्य उपकरणों को लेकर हम लोग काम कर रह है. हाल ही में बंदेभारत ट्रेन का आर्डर मिला है. उन्होंने कहा कि हम लोग निवेश कर रहे है. जमशेदपुर प्लांट में नया निवेश तो नहीं , लेकिन टिनप्लेट, तार कंपनी समेत अन्य कंपनियों मे हम लोग निवेश कर रहे है. उन्होंने कहा कि स्क्रैप को लेकर भी टाटा स्टील बेहतर काम कर रही है. इसके तहत रोहतक में एक सेंटर बनाया गया है, जिसके रिसाइक्लिंग को लेकर लुधियाना में नया प्लांट स्थापित किया जा रहा है. आने वाले दिनों में पश्चिम और दक्षिण में भी ऐसे प्लांट और स्क्रैप सेंटर खोलने पर विचार हम लोग कर रहे है. नये रोजगार की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहा कि नये रोजगार की संभावनाएं काफी अधिक है. लेकिन यह जरूरी नहीं है कि नौकरी अभी जिस तरह का मिल रही है, उसी तरह का आगे भी जारी रहेगी, लेकिन हां नौकरियों का रास्ता जरूर निवेश से खुलेगा.



