सरायकेला: सरायकेला खरसावां जिले के चर्चित तबरेज अंसारी हत्याकांड मामले पर 4 साल बाद फैसला सुनाते हुए सरायकेला कोर्ट के एडीजे वन अमित शेखर की अदालत ने दोषी करार दिए गए नौ आरोपियों को 10 साल की सश्रम कारावास और पंद्रह हजार रूपये जुर्माना की सजा सुनाई है. मामले के मुख्य आरोपी पप्पू मंडल घटना के बाद से जेल में बंद है.(नीचे भी पढ़े)
इस मामले में भीम सिंह मंडल, कमल महतो, मदन नायक, अतुल महाली, सुमंत महतो, विक्रम मंडल, चामू नायक, प्रेमचंद महाली एवं प्रकाश मंडल को भी सजा सुनाई गई है. अदालत ने साक्ष्य के अभाव में सत्यनारायण नायक और सुमंत प्रधान को बरी कर दिया है. इससे पहले मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 9 आरोपियों को दोषी करार दिया था जबकि दो आरोपियों को रिहा कर दिया था. दो आरोपियों के खिलाफ पुलिस कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाई थी.(नीचे भी पढ़े)
क्या है मामला:18 जून 2019 को धातकीडीह में एक घर में चोरी की नीयत से घुसे तबरेज की भीड़ ने पिटाई कर डाली थी. जिसे बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया था. जहां से उसे मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था. जहां तबियत बिगड़ने पर 21 जून को तबरेज को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसी क्रम में 22 जून 2019 को इलाज के दौरान तबरेज की मौत हो गयी थी. बाद में इसको लेकर खूब हाय तौबा मचा था. इसे मॉब लॉन्चिंग का रूप देकर प्रचारित किया गया. पुलिस ने मामले में कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया था. मुख्य आरोपी पप्पु मंडल को छोड़ सभी 12 आरोपी जमानत पर थे, हालांकि एक आरोपी की मौत हो चुकी है. बाकी 9 आरोपियों को सजा सुनाई गई है.(नीचे भी पढ़े)
बचाव पक्ष के वकील एससी हाजरा ने बताया कि पूरे मामले को गलत ढंग से पेश किया गया है. तबरेज की हत्या मॉब लिंचिंग नहीं थी इसे दुष्प्रचारित किया गया है. राजनीति और पुलिस ने मिलकर केस को गलत दिशा में ले जाने का प्रयास किया है. उन्होंने कहा कानून पर भरोसा है न्याय जरूर मिलेगा. वे डॉक्टर के पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आधार मानकर दावा कर रहे हैं कि मामले में न्याय होगा. उन्होंने कहा जब तबरेज को जेल भेजा गया था उस वक्त इंज्युरी में तबरेज के शरीर पर कोई गंभीर चोट के निशान नहीं पाए गए थे. दूसरी और मृतक की पत्नी शाइस्ता परवीन ने कहा है कि मैं चाहती थी कि सारे आरोपियों को फांसी की सजा हो. लेकिन फिर 10 साल की सजा हुई है जिससे वह संतुष्ट नहीं है और वह उच्च अदालत में इस फैसले को चुनौती देगी.



