रामगोपाल जेना/चाईबासा : प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कार्यरत गढ़वा जिले के भवनाथपुर प्रखंड समन्वयक मोहम्मद सिराज अंसारी की विगत 14 जुलाई को प्रखंड कार्यालय से लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसके विरोध में एवं ग्रामीण विकास विभाग के कर्मियों के लिए ईपीएफ एवं हेल्थ इंश्योरेंस की योजना लागू नहीं किये जाने के विरोध में विभागीय सोमवार से तीन दिवसीय कलमबंद हड़ताल पर चले गये हैं. उनकी मांग है कि मो सिराज अंसारी के हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाय एवं विभाग के कर्मचारियों के लिए जल्द से जल्द इंश्योरेंस एवं ईपीएफ की सुविधा लागू की जाय.(नीचे भी पढ़ें)
बता दें कि ग्रामीण विकास मंत्री द्वारा विभाग के कर्मियों को हेल्थ इंश्योरेंस एवं इपीएफ का लाभ देने के लिए विभागीय फाइल की संचिका में 6 माह पूर्व ही स्वीकृति दे दी गई है, लेकिन ग्रामीण विकास विभाग की ओर से आज तक इसे लागू नहीं किया गया है. कर्मचारियों का कहना है कि अगर इंश्योरेंस और ईपीएफ का लाभ आवास कर्मियों को मिल रहा होता तो मृतक मोहम्मद सिराज अंसारी के परिवार को भी इसका लाभ मिलता.(नीचे भी पढ़ें)
मो सिराज अंसारी की हत्या के विरोध में राज्य आवास कर्मी संघ के आह्वान पर झारखंड के सभी जिलों के विभागीय कर्मचारी सोमवार को तीन दिवसीय कलमबंद हड़ताल पर चले गये हैं. इसके तहत आज जिले के सभी पदाधिकारियों/कर्मियों ने जिला समाहरणालय के बाहर एकजुट होकर 3 दिवसीय कलम बंद हड़ताल की शुरुआत की. कर्मचारिय़ों ने कहा कि मोहम्मद सिराज की हत्या से विभाग के कर्मचारियों में भय का माहौल बना हुआ है. उन्होंने अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा के लिए ग्रामीण विकास विभाग से यथाशीघ्र सामाजिक सुरक्षा के लिए इंश्योरेंस एवं ईपीएफ का लाभ दिये जाने की मांग कर रहे हैं.(नीचे भी पढ़ें)
आज की कलमबंद हड़ताल में आवास कर्मी संघ की जिला इकाई के अध्यक्ष इंद्रजीत कुजूर, सचिव शीतल बागे, कोषाध्यक्ष गौरव शर्मा, जिला समन्वयक सरफराज आलम, प्रशिक्षण समन्वयक अनामिका कुमारी, सभी प्रखंडों के समन्वयक एवं लेखापाल समेत कुल 39 आवास कर्मियों ने आज की कलमबंद हड़ताल में शिरकत की.



