
जमशेदपुर : टाटा स्टील में वेज रिवीजन समझौता को लेकर ताबड़तोड़ वार्ता चल रही है. शनिवार को वेज रिवीजन समझौता को लेकर लगातार वार्ता होती रही. वीपी एचआरएम सुरेश दत्त त्रिपाठी के स्तर पर यूनियन के पदाधिकारियों की बैठक हुई. इस बैठक में यूनियन के अध्यक्ष आर रवि प्रसाद, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट अरविंद पांडेय लगातार वार्ता करते रहे. यूनियन तक नहीं आये. मजदूरों से लेकर पदाधिकारियों तक की निगाहें टिकी रही, लेकिन कोई ऐसा नहीं मिल पा रहा था, जो सूचनाएं दे सके. मीटिंग से छनकर आयी बातों के मुताबिक, हर हाल में 25 सितंबर को समझौता हो जाना है. अगर किसी कारणों से देर हुआ तो 26 सितंबर को समझौता होने से कोई रोक नहीं सकता है. टारगेट के तहत यह मीटिंग चल रही है और रविवार को भी वार्ता होती रहेगी. अब तक के तय हुए समझौता के बिंदूओं के मुताबिक, एरियर की राशि दो चरणों में मिलेगा. 1 जनवरी 2018 से कर्मचारियों का वेज रिवीजन समझौता लागू होगा. कुल 21 माह का एरियर कर्मचारियों को मिलेगा. वैसे यूनियन यह प्रयास में है कि कर्मचारियों के एकमुश्त राशि मिल जाये, लेकिन आयकर में कटौती कम हो, इसके लिए भी रास्ता तलाशा जा रहा है. इसके अलावा डीए में जो बदलाव होना है, उसको एक सितंबर 2019 से लागू किया जा रहा है. 1 जनवरी 2018 से डीए पुराना ही मिलेगा और उसी आधार पर एरियर की गणना होगी जबकि एक सितंबर 2019 से नया डीए फार्मूला लागू होगा, जिसके तहत हर वेतन में ऊपरी स्तर पर जाने पर सीलिंग हो जाया करेगी. 11 फीसदी एमजीबी और सात साल का समझौता हुआ है. यूनियन इतना नुकसान कराने के बाद अब यह कोशिश कर रही है कि किसी भी हाल में मजदूरों को कुछ फायदे की बात की जाये ताकि अपना ‘फेस-सेविंग’ (चेहरा छुपाने) किया जा सके. वैसे अब तक कोई ठोस वेज रिवीजन समझौता के बारे में जानकारी देने से बच रहे है.



