
जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्माचरियों का एक बार फिर से उत्थान के लिए तैयारी की गयी है. इसके तहत टाटा स्टील में वर्ष 2007 से बंद फोरमैनशिप ट्रेनिंग को नये अवतार में शुरू किया जा रहा है. इसका नाम प्रगति दिया गया है, जो फ्रंटलाइन लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम का नाम दिया जायेगा. यह 15 अगस्त तक शुरू हो जायेगा. टीएमडीसी के माध्यम से इसकी ट्रेनिंग दी जायेगी. सभी मॉड्यूल के कर्माचरियों का 12 ऑनलाइन सेशन के जरिये ट्रेनिंग कराया जायेगा. कोई भी संवर्ग के कर्मचारी इसके लिए अपना आवेदन दे सकते है. इसके तहत टाटा स्टील के जमशेदपुर प्लांट, सीआरएम बारा और ट्यूब डिवीजन के कर्मचारी अपना आवेदन दे सकते है. एनएस 7 व उससे ऊपर के नये ग्रेड के कर्मचारी अपना आवेदन दे सकते है जबकि स्टील वेज के कर्मचारी भी इसके लिए अपना आवेदन दे सकते है. इस कोर्स के करने से लीडरशिप क्षमता बढ़ेगा जबकि उनको प्रोमोशन भी मिल सकेगा. टाटा स्टील के ज्वाइंट ट्रेनिंग कमेटी के पहल पर इसकी शुरुआत की गयी है.
टाटा स्टील में ब्रिज कोर्स के आवेदन का प्रारुप तैयार
टाटा स्टील में ब्रिज कोर्स शुरू किया जा रहा है. यह इसी माह में सरकुलर आने वाला है. टाटा स्टील के कैपेबिलिटी डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की ओर से इसके लिए आवेदन आमंत्रित किया जा रहा है, जो टाटा स्टील के जमशेदपुर वर्क्स के ग़लावा टाटा स्टील के टीजीएस, ट्यूब डिवीजन, टाटा स्टील कलिंगानगर, रॉ मैटेरियल डिवीजन समेत अन्य सेक्शन के लिए लागू किया जा रहा है. इसके तहत कर्मचारियों को मैकेनिकिकल, इलेक्ट्रिकल, मेटलर्जी व मैकेनिकल के लिए कर्मचारियों को 40 सप्ताह का ब्रिज कोर्स कराया जायेगा, जिसके तहत 20 सप्ताह इ लर्निंग का होगा जबकि 20 सप्ताह का ऑनलाइन सेशन और प्रैक्टिस सेशन के जरिये होगा. इसके लिए वैसे कर्मचारी ही आवेदन दे सकते है, जिसका अपने संकाय में 75 फीसदी अंक हासिल हुग़ा था. इसके तहत सीनियरिटी के हिसाब से सबका चयन किया जायेगा, जिसके तहत एनएस 7 या समकक्ष ग्रेड में कर्मचारियों का प्रोमोशन हो सकेगा. टाटा स्टील में कई ऐसे कर्मचारी है, जो डिप्लोमा का सर्टिफिकेट लिये हुए है, लेकिन टाटा स्टील की ओर से मान्यता उन संस्थानों को नहीं दिया गया है या फिर उक्त संस्थान को एआइसीटीइ या यूजीसी से मान्यता नहीं है, लेकिन कर्मचारियों ने डिप्लोमा की डिग्री हासिल कर ली है, लेकिन अब वे लोग सिर्फ इसलिए प्रोमोशन के लिए आवेदन नहीं कर पाते है क्योंकि टाटा स्टील उसको मान्यता नहीं देती है. मसलन, कोलकाता का इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ मेटल एएमआइइ/एएमआइआइएम, इंस्टीच्यूट ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग के डिप्लोमा इन मैकेनिकल इंजीनियरिंग, नयी दिल्ली के इंस्टीच्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग से प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक का डिग्री, इंस्टीच्यूट ऑफ इंजीनियर्स ऑफ इंडिया का बीइ मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री या कंप्यूटर इंजीनियर्स ऑफ इंडिया की डिग्री को मान्यता दी गयी थी, जिसको वापस ले लिया गया था. ऐसे कई कर्मचारी है, जो एनएस 7 ग्रेड या आइएल 6 अधिकारी बनने के लिए परीक्षा नहीं दे पा रहे है. काफी लंबी वार्ता के बाद टाटा स्टील ने तय किया है कि ऐसे सारे संस्थानों से डिप्लोमा का सर्टिफिकेट लेने वाले को एक मौका दिया जायेगा. लेकिन उन लोगों को ब्रिज कोर्स बिष्टुपुर स्थित एसएनटीआइ से करना होगा. जो ब्रिज कोर्स करेगा और परीक्षा पास कर लेगा, उसको मान्यता दे दिया जायेगा चाहे टाटा स्टील से मान्यता प्राप्त संस्था हो या नहीं, एआइसीटीइ या यूजीसी से मान्यता प्राप्त हो या नहीं सबको यह कोर्स करना होगा, जिसके बाद परीक्षा होगी. जो परीक्षा उत्तीर्ण करेगा, उसको मान्यता दे दिया जायेगा यानी उक्त कर्मचारी आइएल 6 का अधिकारी या एनएस 7 ग्रेड में प्रोमोशन पाने के लायक हो जायेगा. इसका आवेदन अब आमंत्रित किया जायेगा, जिसका प्रारुप बन चुका है. टाटा स्टील के ज्वाइंट ट्रेनिंग कमेटी के पहल पर इसकी शुरुआत की गयी है.






