जमशेदपुर : टाटा पावर ओडिशा में नया सोलर प्लांट लगाने जा रही है. यह घोषणा टाटा पावर की वार्षिक आमसभा (एजीएम) में टाटा संस और टाटा पावर के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने की. चेयरमैन ने एलान किया कि कंपनी जल्द ही ओड़िशा में एक नये सोलर मैन्युफैक्चरिंग प्रोजेक्ट की शुरुआत करेगी. अब कंपनी ”एनर्जी एज अ सर्विस” अप्रोच पर काम कर रही है. ताकि 24 घंटे ग्रीन पावर मिल सके. 31 मार्च 2026 तक देश की कुल स्थापित बिजली क्षमता 533 गीगावाट पहुंच गयी. जिसमें 53% हिस्सा अकेले हरित ऊर्जा का है. वित्तीय मोर्चे पर वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 5,212 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है. जिसके बदले शेयरधारकों को 250 प्रतिशत (2.5 रुपये प्रति शेयर) का शानदार लाभांश दिया जायेगा. (नीचे भी पढ़ें)
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते दायरे और भीषण गर्मी से देश में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है. इस संकट के बीच टाटा पावर देश के ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए तैयार है. उक्त बातें टाटा पावर के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने मंगलवार को कंपनी की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में कही. उन्होंने कहा कि एआई और बढ़ते तापमान की मांग को पूरा करने के लिए हमें नये जमाने के ग्रीन एनर्जी मॉडल पर शिफ्ट होना ही होगा. टाटा पावर ने पाइपलाइन परियोजनाओं सहित अपनी कुल उत्पादन क्षमता में 26 गीगावाट (एक गीगावाट यानी 1,000 मेगावाट) का आंकड़ा पार कर लिया है. जिसमें 66% हिस्सेदारी स्वच्छ ऊर्जा की है. कंपनी का लक्ष्य वर्ष 2030 तक अपनी 30 गीगावाट क्षमता को पूरी तरह चालू करने का है. जबकि 2045 तक पूरी तरह ”नेट-जीरो” (कार्बन मुक्त) होने का संकल्प है.







