
जमशेदपुर : पूर्व के वर्षों की तरह इस बार भी दुर्गापूजा के दौरान पंडालों में सीसीटीवी कैमरे व कंट्रोल रूम तो रहेंगे ही, इसके अलावा जिला प्रशासन ड्रोन कैमरों की मदद से भी पूजा पंडालों व मेले पर नजर रखेगा. इसके लिए 30 ड्रोन कैमरे मंगाये गये हैं. वहीं मनचलों पर अंकुश लगाने के लिए स्पेशल स्क्वायड को तैनात किया जायेगा. स्क्वायड में पुलिस व वोलेंटियर दोनों शामिल होंगे. यदि कोई शिकायत मिले, तो मारपीट या गाली-गलौच करने के बजाये उसे सीधे पुलिस को सौंप दिया जायेगा. जिला शांति समिति की दूसरे दौर की बैठक में उपायुक्त ने यह जानकारी दी. बैठक में कई बिंदुओं पर सहमति बनी. इसके अनुसार इस बार पूजा पंडालों में अश्लील गाने नहीं बजेंगे, बल्कि भक्ति गीत बजाये जायेंगे, वह भी धीमी आवाज में. यदि पूजा कमेटी इसका उल्लंघन करते पायी जाती है, तो उसे हर्जना भरना पड़ेगा. यहां तक कि संबंधित आयोजकों को अगले वर्ष पूजा समिति से भी हाथ धोना पड़ सकता है. बैठक में उपायुक्त ने कहा कि पूजा के शांति व सौहार्द्रपूर्ण आयोजन में जिला प्रशासन की भूमिका मात्र 10 प्रतिशत होती है, जबकि आयोजकों की 90 प्रतिशत भूमिका होती है. इसके अलावा सभी पंडालों में इस बार फायर फाइटिंग सिस्टम और सूचना केंद्र को अनिवार्य कर दिया गया है चाहे वो छोटे पंडाल हों या बड़े, इसके लिए पूजा समिति के कुछ सदस्यों को ट्रेनिंग देने पर भी सहमति बनी है. वहीं इस बार पूजा पंडालों को पुरस्कृत करने के मापदंडों में भी कुछ नये प्रावधानों को जोड़ा गया है.



