जमशेदपुर : झारखण्ड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्ला खान के जमशेदपुर जुगसलाई स्थित आवास पर जश्ने गौसुल वरा कॉन्फ्रेंस आयोजित किया गया. जश्ने गौसुल वरा कॉन्फ्रेंस और लंगर के कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर हजरत गौसुल आजम की याद में महफ़िल सजाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए. इसमें झारखण्ड के अहले सुन्नत वल जमात के उलमा और नातख़्वां हजरात ने शिरकत की. मुफ्ती अब्दुल मालिक साहब, हजरत मौलाना मुफ्ती सलाउद्दीन साहब ने हजरत गौसुल आजम (र.अ.) के जीवन, करामातों और इस्लामी सेवाओं पर विशेष बयान दिया. नातख़्वां हजरात में हजरत हाफ़िज व कारी क़ाज़ी मुश्ताक अहमद साहब अपने कलामों से महफिल को आध्यात्मिक बनाया।नातख़्वां हजरात में कारी कलीम क़ैसर साहब, कारी इस्हाक़ अंजुम साहब, हजरत मौलाना अबरार कैसर साहब, हजरत अल्लामा अयाज अल-रब अर्शी साहब, हजरत मौलाना और मुफ्ती अब्दुल मलिक मिस्बाही साहब ने खुसूसी दुआ का एहतमाम किया. (नीचे भी पढ़ें)

मुफ्ती अब्दुल मलिक मिस्बाही साहब ने अपने ख़िताब में कहा कि ज़िन्दगी और आख़िरत दोनों को संवारने के लिए बच्चों की दीनी व दुनियावी तालीम पर माता-पिता को विशेष ध्यान देना चाहिए. उन्होंने हजरत गौस-ए-पाक अब्दुल क़ादिर जिलानी व हजरत इनायतुल्लाह खान रहमतुल्लाह अलैह के जीवन पर रोशनी डालते हुए इल्म और तालीम को इंसानी तरक्की की बुनियाद बताया. इस अवसर पर झारखण्ड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्ला खान ने अपने पिता हजरत इनायतुल्लाह खान द्वारा हजरत गौसुल आजम की मोहब्बत में लिखे अकीदत के अशआर प्रस्तुत किए. अपने पिता के पदचिन्ह पर चलते हुए हिदायतुल्ला खान के पुत्र असादुल्लाह खान ने अपने मरहूम दादा हजरत इनायतुल्लाह खान के अशआर पर खूब दाद हासिल किया. (नीचे भी पढ़ें)
जश्ने गौसुल वरा कॉन्फ्रेंस में स्थानीय झामुमो विधायक मंगल कालिंदी, पूर्व मंत्री डॉ दिनेश षाडंगी, पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी, झामुमो नेता मोहन कर्मकार, आस्तिक महतो, झारखण्ड आंदोलनकारी शेख बदरूद्दीन, प्रमोद लाल, कांग्रेस जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह, अजय सिंह, अशोक चौधरी, रविन्द्र झा, झारखण्ड गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार शैलेंद्र सिंह, झारखण्ड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह मथारू एवं आयोग के सदस्य कारी बरकत अली, नज़्म अंसारी, प्रो जकरिया, प्रो जावेद अंसारी, प्रो आफताब आलम पप्पू, फ़ैयाज़ खान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे.











