रामगोपाल जेना/चक्रधरपुर : चक्रधरपुर में शनिवार को देव उठनी एकादशी के अवसर पर भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप और माता तुलसी का विवाह सम्पन्न कराया गया. कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देव उठनी एकादशी के रूप में मनाया जाता है. इसे देवोत्थान या प्रबोधिनी एकादशी भी कहा जाता है. (नीचे भी पढ़ें)

धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से जागकर पुनः सृष्टि के कार्यों का संचालन आरंभ करते हैं. साथ ही, देवउठनी एकादशी से ही विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य शुभ कार्यों की शुरुआत होती है. वहीं इस दिन भगवान विष्णु के शालिग्राम रूप और माता तुलसी का विवाह संपन्न कराया जाता है. मान्यता है कि इस दिन ऐसा करने से व्यक्ति को कन्यादान के समान पुण्य प्राप्त होता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है.




