रांची : शुक्रवार, 5 दिसंबर से झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र आरंभ होने से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो ने अपने कार्यालय कक्ष में एक सर्वदलीय बैठक की. पांच दिवसीय विधानसभा सत्र से पूर्व आयोजित इस सर्वदलीय बैठक में सदन के नेता सह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, लोजपा विधायक जनार्दन पासवान और राजद विधायक सुरेश पासवान शामिल हुए. सभाध्यक्ष रवीन्द्रनाथ महतो ने बैठक में सत्ता पक्ष एवं विपक्ष से विधानसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित करने में सभी के सहयोग की अपील करते हुए सदन के समय का अधिकाधिक सदुपयोग करने का आग्रह किया, जिससे सदन में अधिक से अधिक जन हित के मुद्दे उठ सकें. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि राज्यविधान सभा का पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र शुक्रवार, 5 दिसंबर से आरंभ होकर आगामी 11 दिसंबर तक चलेगा. शुक्रवार, 5 दिसंबर को दिन 11 बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होगी. पहले दिन शोक प्रकाश के बाद सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी जाएगी. शनिवार-रविवार को कार्यदिवस नहीं होने की वजह से शीतकालीन सत्र महज पांच दिनों का होगा. सभाध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने शीतकालीन सत्र को लेकर तय औपबंधिक कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि सोमवार 8 दिसंबर को प्रश्नकाल के अलावा चालू वित्तीय वर्ष की द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी सदन के पटल पर लाई जाएगी. मंगलवार 9 दिसंबर को प्रश्न काल के अलावा द्वितीय अनुपूरक पर सदन में चर्चा होगी. (नीचे भी पढ़ें)
बैठक में प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने द्वितीय अनुपूरक पर चर्चा के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समय बढ़ाने का आग्रह किया, जिस पर सहमति जताई गई. वाद-विवाद के बाद सदन में द्वितीय अनुपूरक को पारित किया जायेगा. 9 दिसंबर को ही सदन में विनियोग विधेयक लाया जाएगा. अध्यक्ष श्री महतो ने बताया कि 10 दिसंबर यानी बुधवार को सदन में प्रश्नकाल के अलावा राजकीय विधेयक आएगा. राजकीय विधेयक पर चर्चा के उपरांत इसे पारित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि विधेयकों की संख्या अधिक होने की स्थिति में 11 दिसंबर को सदन में उन्हें उपस्थापित किया जाएगा. (नीचे भी पढ़ें)
उधर संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी सदस्यों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने का आग्रह किया है. सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में श्री किशोर ने कहा कि शीतकालीन सत्र के दौरान विशेष परिस्थिति में सदन की कार्यवाही बढ़ाने की जो बात होती है, वह इस बार नहीं होगी. उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय इस शीतकालीन सत्र का अधिक से अधिक सदुपयोग हो, राज्य की जनता के हित में हो यह कोशिश हम सभी की होनी चाहिए.



