चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के किरीबुरु के सारंडा जंगल में हुई पुलिस और नक्सलियों के मुठभेड़ को लेकर झारखंड पुलिस ने अधिकारिक जानकारी साझा की है. उसमें बताया गया है कि 22 जनवरी को सुबह लगभग 6 बजे चाईबासा जिला में माओवादी दस्ता एवं सशस्त्र सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ हुई तथा लगातार मुठभेड़ जारी है. सर्च अभियान के दौरान 15 मृत शरीर के साथ भारी मात्रा में हथियार एवं दैनिक उपयोग के सामान बरामद किये गये. इसमें एक मृतक माओवादी के शीर्ष नेता अनल दा उर्फ़ पतिराम मांझी सीसीएम (एक करोड़ का इनामी) की पहचान हुई है.विस्तृत जानकारी प्रेस वार्ता मे अलग से दी जायेगी. इसके साथ ही इस बात की पुष्टि हो गयी है कि करोड़ों के ईनामी नक्सली अनल दा मारा गया है और उसके साथ 14 और नक्सली मारे गये है. (नीचे भी पढ़ें)
झारखंड पुलिस को यह बड़ी कामयाबी मिली है. इसके साथ ही नक्सलियों को अब तक का सबसे बड़ा नुकसान सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस ने पहुंचाया है. अनल दा सारंडा क्षेत्र ही नहीं बल्कि बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल का मोस्ट वांटेड नक्सली था. गिरीडीह का रहने वाला अनल दा उर्फ तूफान, उर्फ पतिराम मांझी उर्फ पतिराम मरांडी उर्फ रमेश भाकपा माओवादी के केंद्रीय कमेटी का प्रमुख सदस्य था. वह रणनीतिकार के रुप में जाना जाता था. वह 1987 से इस इलाके में सक्रिय था. वह टुंडी, पीरड़ांट, तोपचाच इलाके में काफी सक्रिय था. वह 2000 में बिहार के जमुई जेल में था. गिरीडीह जेल में भी वह रहा और फिर जमानत पर छूट गया. इसके बाद से वह रांची, गुमला की कमान संभालता था और नक्सलियों का विशेषज्ञ था.



