जमशेदपुर : जमशेदपुर को इंडस्ट्रियल टाउन घोषित करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की खंडपीठ में इसकी सुनवाई हुई. इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में वादी जवाहरलाल शर्मा ने यूनियन ऑफ इंडिया यानी भारत सरकार को भी प्रतिवादी बनाने की गुहार लगायी. इसको मंजूरी दे दी गयी, जिसके बाद तय किया गया कि इस केस में अब भारत सरकार भी प्रतिवादी बनेगी. इसके बाद भारत सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया. इस सुनवाई के दौरान टाटा स्टील की ओर से मौजूद अधिवक्ता ने कहा कि उनकी ओर से आपत्ति पहले से दायर है. उनकी आपत्ति को भी सुना जाये. इस पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में सुनवाई कर रही खंडपीठ ने कहा कि अगली सुनवाई के दौरान सबसे पहले टाटा स्टील की आपत्तियों को सुना जायेगा. इसके बाद आगे कोई चीज पर सुनवाई होगी. (नीचे भी पढ़ें)
इस बीच याचिकाकर्ता जवाहरलाल शर्मा को कहा गया है कि वे इस मामले में प्रत्युत्तर (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करें. इसके लिए याचिकाकर्ता को दो सप्ताह का समय दिया गया है. अब इस मामले की सुनवाई के लिए छह सप्ताह बाद का समय निर्धारित किया गया है. इसके बाद कोई फैसला आयेगा. जमशेदपुर के सोनारी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता जवाहरलाल शर्मा द्वारा दायर रिट याचिका (सिविल) संख्या 483/2025, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 243Q(1) और झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 की धारा 481 के प्रावधान की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है. इसमें 28 दिसंबर 2023 की जमशेदपुर को एक औद्योगिक टाउनशिप घोषित करने की अधिसूचना को रद्द करने की मांग की गयी है. उन्होंने अपनी याचिका में झारखंड सरकार को जमशेदपुर के लिए एक नगर निगम का गठन करने का निर्देश देने के आदेश की मांग की गयी है. इस मामले को लेकर काफी लंबे समय से सुनवाई चल रही है.



