जमशेदपुर : झारखंड में बांग्ला भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण व संवर्धन के उद्देश्य से बिष्टुपुर स्थित गोपाल मैदान में रविवार को राज्य स्तरीय बंगीय उत्सव 2026 का भव्य आयोजन किया गया. सुबह 10 बजे से प्रारंभ हुए इस ऐतिहासिक उत्सव में झारखंड के सभी जिलों से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए. यह आयोजन न केवल बंगाली समाज, बल्कि झारखंड की समग्र सांस्कृतिक विविधता का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा. (नीचे भी पढ़ें)

उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री सह पूर्व राज्यपाल रघुवर दास, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय, जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी, पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, संस्था के मुख्य संरक्षक सुप्रियो भट्टाचार्य, संरक्षक अमिताभ बक्शी, एनआइटी जमशेदपुर के निदेशक गौतम सूत्रधर, टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद, महामंत्री आरके सिंह, टाटा भारत सेवाश्रम संघ के श्रीधर महाराज, बंगाल क्लब के अध्यक्ष तापस मित्र तथा ब्रह्माकुमारी संजू बहन सहित अनेक गणमान्य अतिथि मंच पर उपस्थित रहे. अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया. (नीचे भी पढ़ें)

अपने संबोधन में अतिथियों ने कहा कि बांग्ला भाषा और संस्कृति झारखंड की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का अहम हिस्सा है. ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलता है. उन्होंने बंगीय उत्सव समिति की सराहना करते हुए इसे राज्य स्तर पर और अधिक विस्तार देने की आवश्यकता पर बल दिया. (नीचे भी पढ़ें)

कार्यक्रम के दौरान विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. सरकार योगा अकादमी के अंशु सरकार और सिंकी सरकार की टीम ने ताड़ासन, नौकासन, पवन मुक्तासन सहित विभिन्न योगासनों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया. चास के पुपिन्की आश्रम एवं अखंड मंडली ने आध्यात्मिक संगीत प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया. नटराज संगीत विद्यालय, चाईबासा के कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया, वहीं मानसी म्यूजिक डांस अकादमी, घाटशिला की टीम ने संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी. (नीचे भी पढ़ें)

सुब्रतो विश्वास, अंजन राय संगीत और देबांजली राय चौधुरी की टीम द्वारा प्रस्तुत नृत्य कार्यक्रम को दर्शकों ने खूब सराहा. प्रसिद्ध बांसुरी वादक अशोक दास और माउथ ऑर्गन वादक विकास कुमार सीट की जुगलबंदी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही. रांची के सजल बनर्जी एवं उनकी टीम ने रवींद्र संगीत प्रस्तुत किया, जबकि पश्चिम बंगाल के मालदा से आई सुर संगम टीम ने बांग्ला लोकसंगीत से समां बांध दिया. संध्या सत्र में प्रसिद्ध लोक गायिका अर्पिता चक्रवर्ती की सुमधुर आवाज ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया. (नीचे भी पढ़ें)
इस अवसर पर झारखंड की 25 सहयोगी संस्थाओं को उनके सामाजिक एवं सांस्कृतिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया. इनमें बिष्टुपुर मिलानी क्लब, साकची बंगाल क्लब, टेल्को साबुज कल्याण संघ, गोविंदपुर दुर्गाबाड़ी, सोनारी तरुण संघ, कदमा एवं टेल्को की दुर्गा पूजा समितियों सहित कई संस्थाएं शामिल रहीं. बच्चों द्वारा गीता पाठ की प्रस्तुति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक आयाम प्रदान किया. (नीचे भी पढ़ें)
कार्यक्रम में बंगीय उत्सव समिति के चेयरमैन पार्थ सारथी चटर्जी, अध्यक्ष अंशु सरकार, कार्यकारी अध्यक्ष अपर्णा गुहा, महासचिव उत्तम गुहा, कोषाध्यक्ष अमित मैती सहित समिति के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. पूरे दिन गोपाल मैदान रंग-बिरंगे सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोकसंगीत और उत्साह से सराबोर रहा. यह उत्सव झारखंड की विविधता में सांस्कृतिक एकता को सुदृढ़ करने वाला एक यादगार आयोजन साबित हुआ.








