जमशेदपुर : जमशेदपुर के जुगसलाई नया बाजार में मारवाड़ी समाज की महिलाओं ने सोमवार को होलिका पूजन किया. होलिका दहन से पूर्व सुबह में समाज की नई दुल्हनों एवं समाज की महिलाओं ने परंपरागत रूप में होलिका पूजन किया. (नीचे भी पढ़ें)
बताते चलें कि मारवाड़ी समाज में होलिका पूजन के लिए महिलाएं गोबर के बड़कुले बनाकर होलिका में अर्पित करने के बाद विधिवत पूजा करती हैं. बता दें कि मारवाड़ी समाज में शादी के बाद की पहली होली बहुत खास होती है. पहली होली नवविवाहिताएं अपने मायके में मनाती हैं और गणगौर की पूजा करने के बाद ससुराल वापस जाती हैं. पकवान में मूंगदाल का हलवा खास होता है. नवविवाहिताएं ठंडी अग्नि की पूजा करती हैं एवं चार फेरे लेकर स्वयं एवं अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. (नीचे भी पढ़ें)
मारवाड़ी समाज के दंपति राजस्थानी पहनावे में होलिका दहन स्थल पहुंचते हैं. सभी के हाथ में पूजा की थाल, बड़कुलों की माला, गोबर का बना ढाल, डंडा में बंधा होड़ा, गेहूं की बाली होती है. जैसे ही आचार्य वैदिक मंत्रोच्चार के साथ होलिका में अग्नि को प्रज्वलित करते हैं, मौजूद श्रद्धालु भक्त प्रह्लाद की जय, बुराई पर अच्छाई की जीत के जयकारे लगाते हैं. इसके बाद दंपति होलिका को गोबर के बने बड़कुलों की माला सौंपते हैं. मान्यता के अनुसार महिलाएं इस अवसर पर पूजा कर अपने पति की लम्बी आयु ओर अपने पुत्र के लिए भी पूजा करतीं हैं ओर अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए इस दिन व्रत रखती हैं.







