बहरागोड़ा : बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पानीपाड़ा में स्वर्णरेखा नदी के किनारे मिला लोहे का रहस्यमय गोला अब पूरे क्षेत्र के लिए कौतुहल और डर का विषय बन गया है. रांची से आए बम निरोधक दस्ते ने आधिकारिक रूप से पुष्टि कर दी है कि यह एक शक्तिशाली ‘जिंदा बम’ है, जो किसी भी बड़े हादसे का कारण बनने में सक्षम है. टीम के प्रभारी नंदकिशोर सिंह के अनुसार, बम का आकार और उसकी मारक क्षमता इतनी अधिक है कि इसे सामान्य प्रक्रियाओं से नष्ट करना संभव नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक अत्यधिक भारी-भरकम विस्फोटक है. इसे डिफ्यूज करने के लिए भारतीय सेना की विशेषज्ञता और उच्च तकनीक की आवश्यकता होगी. फिलहाल सुरक्षा के लिहाज से सेना को सूचित कर दिया गया है. (नीचे भी पढ़ें)

इस घटना ने क्षेत्र के लोगों को सात महीने पुरानी पश्चिम बंगाल की घटना की याद दिला दी है. सात माह पूर्व पश्चिम बंगाल के गोपीबल्लभपुर (भरमपुर गांव) के पास स्वर्णरेखा नदी में ठीक ऐसा ही बम मिला था. उस समय कलाइकुंडा एयरबेस के विशेषज्ञों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे निष्क्रिय किया था. आशंका जताई जा रही है कि नदी में पाए जा रहे अवशेष द्वितीय विश्वयुद्ध के समय के हैं. प्रशासन ने किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए युद्ध स्तर पर कदम उठाए हैं. बम मिलने वाले स्थान को ‘रेड जोन’ घोषित कर उस जगह को पूरी तरह सील कर दिया गया है. साथ ही, नदी किनारे जानेवाले ग्रामीणों और पशुपालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे इस वस्तु से दूर ही रहें.



