जमशेदपुर: जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अस्पताल प्रशासन ने डॉक्टरों के लिए नया रोस्टर जारी किया है. इस नई व्यवस्था के तहत इमरजेंसी विभाग में तैनात चिकित्सकों की ड्यूटी अब तीन अलग-अलग शिफ्टों सुबह, शाम और रात में विभाजित कर दी गई है, ताकि 24 घंटे मरीजों को निर्बाध और त्वरित चिकित्सा सुविधा मिल सके.अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस रोस्टर के लागू होने से हर शिफ्ट में पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी. इससे मरीजों के इलाज में होने वाली देरी पर रोक लगेगी और इमरजेंसी में आने वाले गंभीर मामलों का तुरंत उपचार संभव हो सकेगा. पहले कई बार एक साथ अधिक मरीजों के आने पर चिकित्सकों पर दबाव बढ़ जाता था, लेकिन अब नई शिफ्ट प्रणाली से कार्य का संतुलित वितरण होगा.(नीचे भी पढ़े)
इसके साथ ही अस्पताल ने सर्जनों की एक “ऑन-कॉल”सूची भी जारी की है. इस सूची में शामिल वरिष्ठ सर्जन जरूरत पड़ने पर तुरंत इमरजेंसी में बुलाए जा सकेंगे. यह व्यवस्था विशेष रूप से गंभीर और जटिल मामलों में विशेषज्ञ उपचार सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है, जिससे मरीजों को समय पर उच्च स्तरीय चिकित्सा सेवा मिल सके.अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से इमरजेंसी सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आएगा. स्पष्ट ड्यूटी शेड्यूल और ऑन-कॉल विशेषज्ञों की उपलब्धता से न केवल मरीजों को राहत मिलेगी, बल्कि अस्पताल की कार्यप्रणाली भी अधिक सुचारु और जवाबदेह बनेगी.प्रबंधन ने इसे इमरजेंसी सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, जिसका मुख्य उद्देश्य मरीजों को बिना किसी देरी के बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है.



