जमशेदपुर : टाटा स्टील में वेज रिवीजन समझौता को लेकर बुधवार को वार्ता हुई. इस वार्ता के दौरान मैनेजमेंट और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच तनातनी दिखी. दरअसल, यह तनातनी मैनेजमेंट की ओर से वेज रिवीजन को लेकर दिये गये प्रस्ताव के बाद हुआ. बुधवार को देर शाम तक हुई वेज रिवीजन वार्ता के दौरान मैनेजमेंट ने साफ तौर पर कह दिया कि वे लोग इस बार का समझौता 8 साल के लिए ही करेंगे. वहीं, एमजीबी को 7 से 8 फीसदी के बीच ही बढ़ाने का प्रस्ताव दे दिया. इसके बाद यूनियन सकते में आ गयी. टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव चौधरी टुन्नु, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह ने मैनेजमेंट की ओर से जुबिन पालिया के बीच वार्ता हुई. आपको बता दें कि पिछले बार जो समझौता हुआ था, वह 1 जनवरी 2018 से लेकर 31 दिसंबर 2024 तक के लिए सात साल के लिए समझौता हुआ था. इसके तहत एमजीबी 12.75 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी. लेकिन इस बार एक साल और बढ़ाने और एमजीबी भी कम करने का प्रस्ताव दे दिया है, जिसके बाद अब टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारी भी परेशान हो गये और कैसे इसको लेकर लड़ना है, इसको लेकर अब अलग से रणनीति बनाने में जुट गये है.




