आदित्यपुर : टाटा स्टील की शत प्रतिशत सब्सिडियरी वाली कंपनी टाटा स्टील यूआइएसएल की बिजली टैरिफ महंगी होगी. सरायकेला खरसावां जिले में टाटा स्टील यूआइएसएल द्वारा बिजली की आपूर्ति की जाती है. राज्य में पहला जिला है, जहां दो बिजली के सप्लायर है. इसको लेकर टाटा स्टील यूआइएसएल ने नया रेट लागू करने की मांग को लेकर एक याचिका झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग को दिया है. याचिका पर मंगलवार को आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में जनसुनवाई हुई. झारखंड राज्य विद्युत विनियामक आयोग द्वारा आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया एवं आवासीय सेक्टर में टाटा स्टील लिमिटेड (पावर डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी) के लाइसेंस क्षेत्र के लिए जनसुनवाई की गई. यह सुनवाई वित्तीय वर्ष 2023- 24 के ट्रू-अप, वित्तीय वर्ष 2024- 25 की वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा और वित्तीय वर्ष 2025- 26 के लिए एआरआर (वार्षिक राजस्व आवश्यकता) के संबंध में आयोजित की गई. (नीचे भी पढ़ें)

इस जनसुनवाई की अध्यक्षता झारखंड राज्य विद्युत विनियामक आयोग के सदस्य (कानूनी) महेंद्र प्रसाद एवं सदस्य (तकनीकी) अतुल कुमार ने की. इस बैठक में कई घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं ने भाग लिया. टाटा स्टील यूआईएसएल के वरिष्ठ महाप्रबंधक (पावर सर्विसेज एवं यूबी) वीपी सिंह, टाटा स्टील के प्रमुख (पावर मैनेजमेंट ग्रुप) अजय कुमार, ग्राहक शिकायत निवारण फोरम के सदस्य शरद कुमार सहित टाटा स्टील और टाटा स्टील यूआईएसएल के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे. इस दौरान, टाटा स्टील के मुख्य मंडल प्रबंधक (EP&C) सुमन मंडल ने आयोग के समक्ष प्रस्तुत याचिका के मुख्य बिंदुओं को प्रस्तुत किया और लागत वसूली के लिए टैरिफ समायोजन की आवश्यकता को समझाया. उन्होंने बताया कि पिछली दरों में समय पर उचित वृद्धि न होने के कारण वित्तीय वर्ष 2024 के अंत तक संचयी राजस्व कमी हो गई है. इस अंतर को संतुलित करने के लिए उचित टैरिफ वृद्धि आवश्यक है. (नीचे भी पढ़ें और देखें वीडियो)
टाटा स्टील ने इस राजस्व अंतर को पाटने के लिए टैरिफ समायोजन का प्रस्ताव दिया है. प्रस्तावित टैरिफ वृद्धि से कुल राजस्व में लगभग 12% की वृद्धि होने की संभावना है, जिससे संचयी राजस्व घाटे को कम करने में सहायता मिलेगी. प्रस्तुति के बाद, झारखंड राज्य विद्युत विनियामक आयोग के सदस्यों ने उपस्थित उपभोक्ताओं से सुझाव, आपत्तियाँ और अन्य मुद्दों को साझा करने के लिए आमंत्रित किया. (नीचे भी पढ़ें)

इस प्रस्ताव का जवाहरलाल शर्मा ने कड़ा विरोध किया और कहा कि टाटा स्टील केवल जमशेदपुर के लोगों पर ही हर तरह का बोझ डालती है दूसरे शहरों या देश के बाहर टाटा के इकाइयों से नहीं. उन्होंने यह भी कहा कि केवल आम लोग ही क्यों टाटा के अधिकारियों से भी बढ़ा हुआ टैरिफ वसूला जाए. वहीं कई उद्यमियों ने भी टाटा के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है. सभी सुझावों को टाटा स्टील द्वारा दर्ज किया गया और उनका उत्तर दिया गया. (नीचे भी पढ़ें)
टाटा स्टील यूआइसएल का प्रस्तावित टैरिफ : सरायकेला-खरसावां
उपभोक्ता की श्रेणी- वर्तमान में फिक्स चार्ज- वर्तमान में एनर्जी चार्ज- प्रस्तावित फिक्स चार्ज- प्रस्तावित एनर्जी चार्ज
डोमेस्टिक ग्रामीण- 40 रुपये प्रतिमाह- 3 रुपये प्रति किलोवाट- 45 रुपये प्रतिमाह- 3.09 रुपये प्रति किलोवाट
घरेलू शहरी- 75 रुपये प्रतिमाह- 3.25 रुपये प्रति किलोवाट- 80 रुपये प्रतिमाह- 3.35 रुपये किलोवाट
घरेलू सेवाएं एचटी- 75 रुपये प्रतिमाह – 3.10 रुपये प्रति किलोवाट- 80 रुपये प्रतिमाह- 3.19 रुपये प्रति किलोवाट
सिंचाई व कृषि सेवाएं- 20 रुपये प्रतिमाह-3.90 रुपये प्रति किलोवाट-25 रुपये प्रतिमाह- 4.06 रुपये प्रति किलोवाट
कॉमर्शियल ग्रामीण- 75 रुपये प्रतिमाह- 3 रुपये प्रति किलोवाट- 80 रुपये प्रतिमाह-3.09 रुपये प्रति किलोवाट
कॉमर्शियल शहरी- 150 रुपये प्रतिमाह- 4.15 रुपये प्रति किलोवाट-155 रुपये प्रतिमाह- 4.64 रुपये प्रति किलोवाट
डीएसआरयू -सीएस 5केडबल्ल्यू- 40 रुपये प्रतिमाह- 3 रुपये प्रति किलोवाट- 45 रुपये प्रतिमाह-3.09 किलोवाट
डीएसयूआर सीस 5 किलोवाट-75 रुपये प्रतिमाह- 3.25 रुपये प्रति किलोवाट- 80 रुपये प्रतिमाह- 3.35 रुपये प्रति किलोवाट
लो टेंशन औद्योगिक- 150 रुपये प्रतिमाह- 4.50 रुपये प्रति किलोवाट- 155 रुपये प्रतिमाह- 4.64 रुपये प्रति किलोवाट
हाइटेंशन 11 केवी- 350 रुपये प्रतिमाह- 4.90 रुपये प्रति किलोवाट- 355 रुपये प्रतिमाह- 5.05 रुपये प्रति किलोवाट
हाईटेंशन 33 केवी- 350 रुपये प्रतिमाह- 355 रुपये प्रतिमाह- 5.05 रुपये प्रति किलोवाट
स्ट्रीट लाइट- 60 रुपये प्रति माह- 5.25 रुपये प्रति किलोवाट- 65 रुपये प्रतिमाह- 5.46 रुपये प्रति किलोवाट
रेलवे ट्रैक्शज़न, इंजीनियरिंग व अन्य- 190 रुपये प्रतिमाह- 5.80 रुपये प्रति किलोवाट- 195 रुपये प्रतिमाह- 6.03 रुपये प्रति किलोवाट
अस्थायी कनेक्शन- 1.50 गुणा फिक्स चार्ज- 1.50 गुणा अधिक ऊर्जा शुल्क



