सरायकेला: जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी ऋतु राज प्रियदर्शी की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय के सभागार में “सेफ इंटरनेट डे” को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस अवसर पर जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी ने कहा कि इंटरनेट ने हमारी लाइफस्टाइल आसान बना दी है,परंतु हमें सावधान और सतर्क रहकर इंटरनेट का उपयोग करना चाहिए. शॉर्टकट से पैसे कमाने और विभिन्न तरह की लालच में पड़कर लोगों की गाढ़ी कमाई मिनटों में चली जाती है.(नीचे भी पढ़े)
उन्होंने कहा कि आज इंटरनेट का विस्तार प्रत्येक क्षेत्र में हो चुका है. हमें इसका प्रयोग सकारात्मक उद्देश्यों के लिए किया जाना चाहिए. वायरस, हैकिंग, मनी फ्रॉड से बचने के लिए सुरक्षा के सभी उपाय करने चाहिए. इंटरनेट से सामाजिक विलगन बढ़ा है. साइबर क्राइम जैसे इंटरनेट फिशिंग से सभी को सतर्क रहना चाहिए. हमें किसी अनजान व्यक्ति के साथ इंटरनेट पर सूचनाएं साझा नहीं करनी चाहिए.(नीचे भी पढ़े)
इस जानकारी का दुरूपयोग हो सकता है. ई मेल के माध्यम से मिले ऑफर पर प्रत्युत्तर नहीं देना चाहिए. अपना वित्तीय विवरण साझा न करें. किसी को फोन या इंटरनेट पर ओटीपी न दें. साइबर क्राइम के किसी प्रकरण में www.cybercrime.in या टोल फ्री नम्बर 1930 पर संपर्क कर सकते हैं. विशिंग से भी सतर्क रहें. लुभावने ऑफर पर ध्यान न दें. आइडेंटिटी थेफ़्ट से बचने के लिए अपनी प्रोफाइल को सुरक्षित बनायें. ऑनलाइन लॉटरी प्रलोभनो से दूर रहें. साइबर क्राइम के बारे में खुद जागरूक हों और अन्य लोगों को जागरूक करें. वित्तीय धोखे से बचें. डीएससी को सुरक्षित रखें. साइबर हाईजीन के उपाय अपनाएं. एंटीवायरस को अपडेट रखें, इससे डाटा अधिक सुरक्षित रहेगा.(नीचे भी पढ़े)
कार्यशाला में साइबर थाना प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा कि कभी भी डिजिटल अरेस्ट की बात सुनकर भयभीत नहीं होना है. पैसा इन्वेस्ट कर अधिक रिटर्न देने वालों की जाल में नहीं फंसना है. उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लोगों की अज्ञानता का फायदा उठाकर साइबर फ्रॉड करते हैं. साइबर फ्रॉड होने से 1930 नंबर पर कॉल करके तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शीघ्र शिकायत दर्ज कराएं और ट्रांजेक्शन ब्लॉक कराएं. इसमें देरी करने से गोल्डन आवर खत्म हो जाता है. कार्यशाला के दौरान अनजान लोगों के साथ ओटीपी, आधार कार्ड, पैन कार्ड या बैंक की अन्य जानकारी साझा नहीं करने, अनजान नंबरों से आने वाली लिंक पर क्लिक नहीं करने, अनजान लोगों से पेमेंट पाने के लिए क्यूआर. कोड स्कैन नहीं करने व ओटीपी या पिन साझा नहीं करने, बैंक ट्रांजैक्शन करते समय सार्वजनिक वाईफाई का इस्तेमाल नहीं करने सहित आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया, साइबर थ्रेट्स, ऑनलाइन फ़्रॉड, डीप फेक, व्हाट्सएप्प सिक्योरिटी, डिजिटल अरेस्ट सहित अन्य मुद्दे पर चर्चा की गई. कार्यशाला में जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी ऋतु राज प्रियदर्शी, साइबर थाना प्रभारी दानिश इकबाल, सीएससी मैनेजर, ई जिला प्रबंधक, डीपीओ यूआईडी, कंप्यूटर ऑपरेटर, वीएलई तथा कार्यालय अन्य लोग मौजूद थे .



